गाजीपुर। जनपद में मिले रहे लगातार कोरोना के मरीजों की वजह से दहशत का महौल बना हुआ है। खास बात यह है कि बाहर से आए प्रवासियों की वजह से यह स्थिति बनी है। देश के महानगरों तथा प्रांतों से जिले में करीब ढाई लाख लोग आए हैं। अब तक जिले में कुल 9014 लोगों की सैंपलिंग की जा चुकी है। इसमें 361 मरीज पाजिटिव आए हैं, जिसमें 323 मरीज प्रवासी हैं। अप्रैल माह में छह तथा मई में कुल 116 मरीज मिले। जून माह में सबसे अधिक 210 मरीज मिले है। जुलाई माह के शुरुआत में ही 25 मरीज मिल गए हैं।
कोरोना के संक्रमण का सबसे अधिक मामला जून माह में आया है। पिछले दो महीने में रेल, बस, सरकारी व्यवस्था, पैदल, ट्रकों, बसों आदि से ढाई लाख प्रवासी आए हैं। अभी भी छिटपुट प्रवासियों के आने का सिलसिला बना हुआ है। जिले में यह जो ग्राफ बढ़ा है, उससे चारों ओर दहशत का माहौल है। जिले के सभी सातों तहसीलों में कोरोना का संक्रमण पसरा हुआ है। अप्रैल में सिर्फ छह मरीज पाए गए लेकिन मई में यह आंकड़ा बढ़ने लगा। नौ मई को नंदगंज के खिजिरपुर में, 10 मई को मरदह के नसीरूद्दीनपुर में मरीज मिलने के बाद जो सिलसिला शुरू हुआ, वह अब तक रुका नहीं है। एक-एक दिन में बड़ी संख्या में मरीज मिलने लगे, जिससे स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की नींद उड़ गई। चार जून को 21 मरीज मिले। 15 जून के बाद जिले में ताबड़तोड़ मरीज मिलने लगे। एक पखवारे में करीब 165 मरीज मिले। इसी क्रम में एक जुलाई को 22 मरीजों के मिलने से पूरा महकमा हिल गया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी केके वर्मा ने बताया कि जिले की स्थिति काफी संवेदनशील है। लोगों को बचकर और काफी सुरक्षा के साथ रहना चाहिए। बाहर से आ रहे लोगों को स्वास्थ्य जांच कराने के बाद घर में ही रहना चाहिए। जरा सी लापरवाही लोगों के लिए भारी पड़ सकती है।