जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार यादव ने दस ब्लाकों के प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए मिड-डे-मील न बनने को लेकर गुरुवार को 21 प्रधानाध्यापकों और 10 खंड शिक्षाधिकारियों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया। इसके अलावा समय से सूचना उपलब्ध न कराने वाले 97 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों नोटिस जारी किया है।
जिलाधिकारी संजय खत्री के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी अशोक कुमार यादव ने एक से 15 नवंबर तक जनपद के सभी ब्लाकों के प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया था। इस दौरान दस ब्लाकों के 21 विद्यालयों में मिड-डे-मील नहीं बनाया जा रहा था।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने गुरुवार को सख्त कार्रवाई करते हुए भांवरकोल क्षेत्र के दो, देवकली एक, मनिहारी एक, मरदह दो, मुहम्मदाबाद तीन, रेवतीपुर एक, सादात तीन, सैदपुर पांच, जखनिया दो और जमानिया एक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों और सभी खंड शिक्षाधिकारियों का अगले आदेश तक वेतन रोक दिया है। साथ ही 97 प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों द्वारा समय से बेसिक कार्यालय को सूचना उपलब्ध न कराने को गंभीरता से लेते हुए सभी प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है।
इसी क्रम में बीएसए ने मुहम्मदाबाद स्थित गौसपुर के प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय बंद पाया गया। इससे नाराज बीएसए ने प्रधानाध्यापक वैशाली श्रीवास्तव सहित पांच सहायक अध्यापकों का वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी।उधर नगर क्षेत्र प्राथमिक विद्यालय मारकीन गंज, उर्दूबाजार प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय बंद मिला।
इस पर प्रधानाध्यापक रशिदा बानो सहित दो सहायक अध्यापकों और प्रधानाध्यापक बिंदू सिंह एवं सहायक संतोष कुमारी के वेतन वृद्धि पर रोक लगा दिया। इसके अलावा एबीएसए सीता राम ओझा ने कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय नबाबगंज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक मलका बेगम और दो सहायक अध्यापक आपस में बच्चों को पढ़ाने के बजाए गप-शप मिलती हुई मिली। इस पर कार्रवाई करते हुए वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी।