गाजीपुर। मौसम के सितम से आन जन-जीवन पूरी तरह से बेपटरी होेने लगा है। सूर्य के तप का हाल यह है कि चाहकर भी लोग इसका सामना नहीं कर पा रहे हैं। मंगलवार को पारा 44 से पार रहा, इससे हर कोई बेहाल रहा। धूप में आवागमन करने वाले जहां पसीने से तर रहे, वहीं मकान के अंदर मौजूद लोग गर्मी से बेचैन रहे। मौसम की तल्खी के आगे पंखा और कूलर भी लोगों को राहत देने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं। आधी रात के बाद ही तल्खी कुछ कम हो रही है। पिछले करीब एक सप्ताह से मौसम का निजाज काफी गर्म है। सूर्य की चमक का आलम यह है कि लोग चाहकर भी इसका सामना नहीं कर पा रहे हैं। दो-चार मिनट मिनट की कौन कहे, कुछ सेकेंड भी धूप के बीच खड़ा रह पाना संभव नहीं हो पा रहा है। उलझन के बीच शरीर पसीना से तर-बतर हो जा रहा है। मंगलवार को पारा 44 से पार रहा, इससे हर कोई बेहाल रहा। धूप से बचाव के लिए लोगों ने तरह-तरह का जतन किया। मार्गों पर आवागमन करने वाला कोई छाता के सहारे धूप का प्रभाव कम करते हुए नजर आया तो कोई गमछा और टोपी से। बाहर आवागमन करने वाले जहां पसीना से तर-बतर नजर आए, वहीं घरों में लोग गर्मी की वजह से उलझन से परेशान रहे। मौसम की तल्खी के आगे पंखा-कूलर से भी राहत नहीं मिली। वह भी लोगों को पर्याप्त राहत देने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। बस लोगों को इस बात का संतोष रह रहा है कि वह कूलर और पंखे के बीच बैठे हैं। मौसम की मार से सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को हो रही है। दोपहर में छुट्टी के बाद वह झुलसा हुआ चेहरा लेकर घर पहुंच रहे हैं। आधी रात के बाद ही मौसम की तल्खी का प्रभाव कुछ कम हो पा रहा है और कूलर तथा पंखा की हवा लोगों को राहत दे रही है।