गाजीपुर। दो साल से बहू रितू वर्मा घर से लापता है। मायके वालों ने पता लगाने की बजाए उल्टा ससुराल वालों पर मुकदमा दर्ज करा दिया है। महिला के पति और सभी देवर जेल में हैं। पुलिस लापरवाह बनी हुई है। सीएम दरबार से लेकर अधिकारियों के यहां गुहार लगाई जा रही है। आखिर तंग आकर महिला के ससुराल वाले शुक्रवार को धरने पर बैठ गए। इसमें गायब बहू के नन्हे-मुन्नें बच्चे भी शामिल हैं। हालांकि शाम को एसडीएम रमेश मौर्या को पत्रक सौंपा।
न्याय के लिए धरने पर बैठी शहर की सनबाजार निवासी कौशल्या देवी ने बताया कि उनकी पुत्रवधू रितू वर्मा पत्नी बुलबुल वर्मा दस नवंबर 2016 को घर से दवा लेने निकली और गायब हो गई। बाद में उसके मायके वालों ने दहेज हत्या तथा अन्य कई धाराओं में ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके बाद बुलबुल तथा उसके तीन भाई विजय वर्मा, अनिल वर्मा, संजय वर्मा और भतीजा रजनीश वर्मा आदि को जेल हो गई है। बाद में इन सभी का नार्को टेस्ट हुआ, जिसमें सभी निर्दोष साबित हुए। किसी तरह रजनीश की जमानत तो हो गई, लेकिन शेष लोगों की अभी तक जमानत नहीं हुई है। इस मामले को लेकर परिजन सीएम के दरबार में भी गए थे। वहां से भी सिर्फ कागजी कार्रवाई की गई। रितू वर्मा के दो बच्चे यश (तीन वर्ष) तथा ईशु (आठ वर्ष) भी हैं। धरने पर बैठे परिवार के लोगों की मांग है कि किसी भी हालत में बहू को बरामद किया जाए। धरने पर बैठने वालों में संदीप कुमार वर्मा, आदित्य यादव, निरंजन यादव, आकाश वर्मा, मनोज वर्मा, गौरव सिंह, विरेंद्र सिंह, प्रवीन, शीला देवी, मीना देवी, कौशल्या देवी आदि शामिल है।