गाजीपुर। बिंद, निषाद, कश्यप सहित अन्य समाज का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को अरविंद बिंद के नेतृत्व में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मिला। इस बीच उन्हें पत्रक सौंपा। पत्रक में कहा कि कठवामोड़ पुल के पास 31 दिसंबर को हुई हिंसा में सिपाही की मौत को लेकर पुलिस अनावश्यक बिंद, निषाद, कश्यप आदि समाज के बेकसूर लोगों का उत्पीड़न कर रही है। घर में घुसकर महिलाओं को मारने-पीटने के साथ ही तोड़फोड़ भी किया जा रहा है। इस अनैतिक कृत्य पर रोक लगाई जाए।
कहा कि 29 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जिले में आयोजित कार्यक्रम के संपन्न होने के बाद कठवामोड़ पुल के पास जाम लगाए निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं से भाजपा नेताओं से झड़प और हिंसा में सिपाही की मौत हो गई। इस मामले में विभिन्न धाराओं में नोनहरा थाने की पुलिस ने दर्जनों नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया था। इसके साथ ही सुहवल थाने में चक्काजाम करने के मामले में सैकड़ों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उक्त मुकदमे का विवेचना कर रही पुलिस बिना पर्याप्त सबूत के जिले के दर्जनों गांवों में बिंद, निषाद, कश्यप आदि समाज के घरों पर दबिश देकर आतंक का माहौल बना रही है। इस दौरान घरों में तोड़-फोड़ करने के साथ ही बहू-बेटियों के साथ अनैतिक एवं अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें मारपीट रही है। इससे जनमानस में पुलिस के प्रति आक्रोश है। पुलिस यह कार्रवाई बिना किसी शिनाख्त या किसी कारण के केवल जातीय आधार पर कर रही है। मौके से निर्दोष व्यक्तियों को जाति पूछ कर प्रताड़ित कर थाना में बंद कर मारपीट अपराध स्वीकार करने के लिए बाध्य कर रही है। न्याय हित में पुलिस प्रशासन की अन्यायपूर्ण कार्यप्रणाली पर रोक लगाया जाना आवश्यक है। उक्त प्रकरण में स्वविवेक से उपरोक्त तथ्यों एवं परिस्थितियों के अधीन हस्तक्षेप करने एवं सिर्फ जाति के आधार पर बिंद, निषाद, कश्यप आदि जाति के गांवों में दबिश न देने एवं गिरफ्तारी करने एवं अभद्र तथा अनैतिक कृत्य पर रोक लगाया जाए।