मरदह। जिलाधिकारी के बालाजी ने धान क्रय केंद्र मरदह का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मौके पर तीन किसान अपने धान का तौल कराने के लिए आए थे। क्रय केंद्र पर मात्र एक ही तौल कांटा क्रियाशील होने के कारण उक्त किसानों द्वारा लेकर आए धान की तौल नहीं हो पा रही थी। उन्होंने कहा कि धान क्रय की समीक्षा बैठकों में बार-बार निर्देश दिया जाता है कि प्रत्येक धान क्रय केंद्र पर दो तौल कांटा क्रियाशील रखा जाय। इसके बावजूद उक्त क्रय केंद्र पर एक ही तौल कांटा का प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे में शासन की मंशा के अनुसार प्रतिदिन 600 क्विंटल धान क्रय का लक्ष्य प्राप्त कर पाना संभव नहीं लग रहा है।
जिलाधिकारी ने क्रय केंद्रों पर पर्यवेक्षणीय शिथिलता एवं टोकन वितरण पंजिका का अवलोकन करने पर पाया कि छह दिसंबर के बाद की तिथियों में किसानों का टोकन जारी करने का उल्लेख नहीं किया गया। मौके पर जिन किसानों से धान क्रय किया जा रहा था उन किसानों का नाम एक दूसरे टोकन रजिस्टर में दर्ज पाया गया। इससे स्पष्ट हुआ कि धान क्रय में मनमाने तरीके से किसानों को बुलाकार अपनी मर्जी के अनुसार धान क्रय किया जा रहा है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने शासन की मंशा के अनुसार धान क्रय नहीं किए जाने तथा कार्य में लापरवाही पर चेतावनी दी। कहा कि इस प्रकार की पुनरावृत्ति पुन: होती है तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।