गाजीपुर। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश से नगर से सटे रजदेपुर देहाती टेढ़वा (रौजा) दलित बस्ती में स्थित करीब 50 घर पानी से घिर गए हैं। इस वजह से उसमें रहने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिनका मकान दो मंजिला है, वह तो ऊपरी मंजिल में किसी तरह रहते हैं, लेकिन जिनका मकान एक मंजिला है, वह छत पर रहने को विवश हैं। कमर भर पानी के बीच से लोगों का आना-जाना होता है।
बीते बुधवार की रात हुई मूसलाधार बारिश से रजदेपुर देहाती टेढ़वा (रौजा) दलित बस्ती पूरी तरह जलमग्न हो गई है। बस्ती के बगल में स्थित गड़ही पानी से लबालब हो गई है। जैसे गड़ही में आसपास के इलाकों का पानी आ रहा है, वैसे-वैसे दलित बस्ती में जलजमाव का लेवल भी बढ़ता जा रहा है। बस्ती के करीब 50 मकान पूरी तरह पानी से घिरे हुए हैं। इसमें रहने वालों का जीना दुश्वार हो गया है। जिन लोगों का दो मंजिला मकान है, वह तो ऊपरी मंजिल पर रह रहे हैं, लेकिन जिनका एक मंजिला मकान है, वह छत पर खुले में रहने को विवश हैं। लोग सुकून से न खा रहे हैं और न ही चैन से सो पा रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चों की कौन कहे, महिलाएं और पुरुष भी घरों में कैद हैं। जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं, वह उन्हें गोद में लेकर कमर भर पानी को पार कराते हैं। जिनके घरों में हैंडपंप लगा है, वह भी पानी में है। इससे लोग उस पानी का सेवन करने में इस बात से डर रहे हैं कि कहीं संक्रामक बीमारी का शिकार न हो जाए। जिनके घरों में पानी घुसा है, वह जब भी पानी के बीच से घर से निकल रहे हैं पर्याप्त मात्रा में सब्जी सहित अन्य खाद्य सामग्री खरीद रहे हैं, ताकि बार-बार उन्हें पानी का सामना न करना पड़े। बस्ती के कृष्णानंद, सुरेंद्र, राजकुमार, सुमित्रा, अमित कुमार, आकाश, छोटू, असंत, रवि, कमलेश, तूफानी, जनार्दन, लवर, महेंद्र, गोपाल, मनोज आदि ने बताया कि घरों में पानी घुसने से नारकीय जीवन जीने को विवश होना पड़ रहा है। हम लोगों को घर से निकलने में एक बार हिम्मत जुटाना पड़ रहा है। पिछले कई वर्षों से बारिश के मौसम में गड़ही भर जाने से हम लोगों को जल-जमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन द्वारा नाली का निर्माण कराकर समस्या का समाधान नहीं कराया जा रहा है।