मुहम्मदाबाद। स्थानीय विकासखंड के आधा दर्जन गांव रबी फसल के लिए अधिसूचित नहीं किए जाने के चलते किसानों के लिए प्रारंभ की गई केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए हैं।
भाजपा की केंद्र एवं प्रदेश सरकार की तरफ से किसानों के लिए लागू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का जोर शोर से बखान किया जा रहा है लेकिन इस योजना में सिर्फ बैंकों से कृषि ऋृण लेने वाले किसानों का ही फसल बीमा किया जा रहा है। ऋृण न लेने वाले एवं बटाई पर खेत लेकर खेती करने वाले किसानों की फसल का बीमा नहीं हो पा रहा है। भारत सरकार की तरफ से इस योजना में ऋृण न लेने वाले एवं बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी इस योजना में शामिल किया गया है लेकिन उनका बीमा करने के लिए अधिकृत बैंक एवं बीमा कंपनियों के एजेंट उनका बीमा करने में रूचि नहीं लेते जिससे उन किसानों की फसल क्षतिग्रस्त होने पर उन्हें बीमा का लाभ नहीं हो पा रहा है। जिले में इस योजना के तहत बीमा करने की जिम्मेदारी टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को मिली है। जिले में रबी फसल के अंतर्गत गेहूं, चना, मटर, मसूर एवं आलू अधिसूचित फसल घोषित है। इसके लिए ग्राम पंचायतें भी अधिसूचित की गई है जो ग्राम पंचायतें अधिसूचित नहीं हैं उन गांव के किसानों की फसल का बीमा नहीं किया जाएगा। मुहम्मदाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत रसूलपुर हकीम, असमानीचक उर्फ मालीचक, चकमुकुरी बरेजपुर, मलिकपुरा, मुर्की खुर्द एवं ब्लाक प्रमुख की ग्राम पंचायत सलेमपुर अधिसूचित न होने के चलते रबी में इन गांव के किसानों की फसल का बीमा नहीं हुआ। रबी अभियान के तहत 1 अक्तूबर से 31 दिसंबर तक कृषि ऋृण लेने वाले किसानों का फसल बीमा हुआ है। गेहूं की फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 43671 रूपये बीमित राशि निर्धारित है। इसके लिए किसान को मात्र डेढ़ प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान किया जाना है। पंचायत स्तर पर योजना के प्राविधानों के अनुसार क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए कृषकों द्वारा दावा प्रस्तुत करना आवश्यक नहीं है। कृषकों को क्षतिपूर्ति देय होने पर बीमा कंपनी द्वारा क्षतिपूर्ति का भुगतान फसल की उपज के आंकड़े प्राप्त होने के 21 कैलेंडर दिन के अंदर सम्बन्धित कृषकों के बैंक खाते में धनराशि जमा कराये जाने का प्राविधान है। फसल बीमा में क्षति का प्राथमिकता पर आंकलन कर कृषकों को आंशिक क्षतिपूर्ति तत्काल देने का प्राविधान है। फसल की बुआई से कटाई की अवधि में ओला, भूस्खलन, जलप्लावन से फसल की क्षति होने की स्थिति में फसल की कटाई के बाद आगामी 14 दिनों की अवधि तक खेत में कटी हुई फसल को बेमौसम चक्रवाती वर्षा से क्षति की स्थिति में भी क्लेम की धनराशि मिलने का प्राविधान है।