गाजीपुर। अपर सत्र /विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अधिनियम राकेश कुमार सप्तम की अदालत ने रेवतीपुर थाना क्षेत्र में हुए सामूहिक दुराचार के मामले में छह महीने छह दिन में दो दोषियों को 20-20 वर्ष की कठोर कारावास और 45- 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि से 75 प्रतिशत राशि पीड़िता को चिकित्सा संबंधी खर्च और पुनर्वास की पूर्ति के लिए देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार रेवतीपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने तहरीर दी थी कि उसकी नाबालिग पुत्री बड़े भाई के घर गई थी। वहां से देर शाम घर आ रही थी, तभी रास्ते में आरोपी अनूप यादव और मिंटू राजभर उसके साथ जबरदस्ती करके उसे गांव से 500 मीटर दूरी पर ले गए और उसके साथ दुराचार किया। पीड़िता के शोर मचाने पर जब परिजन और गांव के लोग पहुंचे तो देखा कि उसकी पुत्री और दो लड़के मौजूद थे। दोनों आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
तहरीर पर पुलिस ने दोनों ओरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया। पुलिस द्वारा आरोप पत्र पांच जुलाई 2023 को न्यायालय में प्रेषित किया गया। न्यायालय में आरोपियों के विरुद्ध 26 जुलाई 2023 को आरोप पत्र प्रथम दृष्टया विराचित किया गया। 31 जुलाई से गवाही शुरू हुई की गई। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता /विशेष लोक अभियोजक रविकांत पांडेय ने आठ गवाहों को पेश किया। गवाहों ने घटना का समर्थन किया। बृहस्पतिवार को अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस को सुनने के बाद अदालत में दोनों दोषियों को 20-20 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई।