मरदह। कुपोषण मुक्ति अभियान को गति देने के लिए बुधवार को सुपोषण स्वास्थ्य मेला का आयोजन स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर किया गया। कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. सरफराज आलम ने कहा कि इस योजना के माध्यम से शिशुओं तथा महिलाओं के बीच कुपोषण को समाप्त किया जाना है। शिशु मृत्यु तथा मातृ मृत्यु दर को समाप्त कर स्वस्थ समाज की स्थापना का लक्ष्य भी पूरा करना है।
एएनएम प्रियंका सिंह ने उपस्थित गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को पोषाहार के साथ ही घर पर उपलब्ध भोजन को समयानुसार खाने की सलाह दी। कहा कि गर्भवती महिलाओं को दिन में कम से कम दो घंटे आराम करना चाहिए। प्रत्येक माह वजन कराना आवश्यक है। मेले में आए बच्चों का वजन तथा लंबाई की नाप-जोख की गई। मेला में उपस्थित सभी किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और माहवारी के दौरान साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई। कहा गया कि कोई भी समस्या आने पर एएनएम, आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मिलना चाहिए। सुपोषण स्वास्थ्य मेला में पोषाहार से बने विभिन्न व्यंजनों का भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यह सुपोषण स्वास्थ्य मेला मरदह के सभी उपकेंद्रों पर आयोजित किया गया। उपकेंद्र मटेहूं पर नंदबालिका राय, डा. एके मिश्रा, इंदौर में मंजू राय, हैदरगंज में प्रमिला देवी, सिंगेरा में कलई देवी, मरदह मुख्य सेंटर पर शैल कुमारी रानी तथा नीलम देवी, सुलेमापुर में पुष्पा तिवारी, नसरतपुर में गीता यादव, बौरी में लालसा यादव, दुर्खुशी में मीरा गुप्ता, पलिया में सुषमा सिंह आदि आंगनबाड़ी तथा आशा कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया।