फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्रसंघ चुनाव : नामांकन से पूरे दिन रेंगता रहा शहर

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजीपुर। शहर स्थित दो कालेजों के छात्रसंघ चुनाव के नामांकन को लेकर विभिन्न पदों के प्रत्याशियों द्वारा निकाले गए जुलूस की वजह से नगर की रफ्तार घंटों थमी रही। आलम यह रहा कि कोई भी मार्ग ऐसा नहीं बचा था, जिस पर लोगों को जाम का सामना न करना पड़े। भीषण गर्मी में धूप और पसीना से तर-बतर राहगीर प्रशासन को इस बात के लिए कोसते रहे कि उन्होंने छात्रों को नगर में नामांकन जुसूल निकालने के लिए क्यों अनुमति दी। यदि अनुमति दी भी तो आवागमन सुचारू रहे इसका इंतजाम क्यों नहीं किया ?
विज्ञापन

स्नातकोत्तर महाविद्यालय और स्वामी सहजानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ के नामांकन के लिए दोनों कालेजों को विभिन्न पदों के प्रत्याशियों द्वारा नगर में जुलूस निकाला गया था। इससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। नगर के महुआबाग, मिश्रबाजार, लंका, सकलेनाबाद, विशेश्वरगंज आदि मार्गों पर जाम लगा रहा था। किसी मार्ग पर एक से लेकर डेढ़ तो किसी पर ढाई से तीन घंटे तक लोगों की रफ्तार थमी रही। नगर के महुआबाग का आलम यह था कि चौराहा पूरी तरह जाम की जकड़न में जकड़ा रहा। आलम चाराहों को तरफ ओपियम फैक्ट्री, सकलेनाद दुर्गा चौक मंदिर, विशेश्वरगंज तिराहा और ददरीघाट चौराहा तक भीषण जाम लगा रहा। आलम यह था कि वाहनों को एक कदम बढ़ाने की कौन कहे, एक फंलाग पैदल निकल पाना भी लोगों के लिए संभव नहीं हो पा रहा था। परेशान हाल लोग इस बात के लिए इधर-उधर नजर दौड़ाते रहे कि किसी तरफ से निकल का रास्ता मिल जाए, लेकिन कोई रास्ता नहीं नजर नहीं आ रहा था। तेज धूप और भीषण गर्मी में पसीना से तर-बतर उलझन के बीच लोग अब-तब आवागमन सुचारू होने का इंतजार करते रहे। वाहनों को आगे-पीछे करने को लेकर लोगों में किचकिच के साथ तीखी झड़प होती रही है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और युवतियों को हुई। भीड़ में धक्का-मुक्की के बीच वह आवागमन सुचारू होने का इंतजार करती रही। पुलिस कर्मी आवागमन को सुचारू कराने के लिए पसीना बहाते रहे। ढाई घंटा बाद आवागमन सुचारू होने पर लोगों ने राहत की सास ली। जाम की वजह से लोग समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।


जनाब हिलने की जगह नहीं है, आप आगे बढ़ने की बात करते हैं
प्रशासन ने पहले नहीं सोचा यातायात कैसे रहेगा दुरुस्त ?
अमर उजाला ब्यूरो
गाजीपुर। अरे जनाब यहां तो हिलने की जगह नहीं है और आप आगे बढ़ने की बात करते हैं। छात्रसंघ चुनाव के नामांकन के दिन शहर में जुलूस निकालने की अनुमति दे दी गई, लेकिन यातायात सुचारु रखने के बारे में नहीं सोचा। जिला प्रशासन की इसी लापरवाही का खामियाजा नगरवासियों को उठाना पड़ा। जाम के दौरान जल्द निकलने के चक्कर में भी लोग वाहनों को आड़ा-तिरछा निकाल रहे थे, जिससे जाम और बढ़ता गया। आलम यह रहा कि दोपहर से लेकर सायंकाल तक पूरा शहर रेंगता नजर आया। कदम-कदम पर जाम लगा हुआ था। ऐसे में इससे जाम और भी विकराल होता जा रहा था। कुछ इसी तरह की बात नगर के महुआबाग स्थित चौराहे पर जाम फंसा एक बाइक सवार बोल रहा था।
विज्ञापन

जाम में परेशान लोगों का कहना था कि छात्रसंघ चुनाव के लिए होने वाले नामांकन ने नगर की व्यवस्था की पूरी तरह से ध्वस्त कर दी है। प्रशासन ने पहले से नामांकन जुलूस के लिए इंतजाम नहीं किया था। उसे छात्र नेताओं को नगर में नामांकन जुलूस निकालने के लिए अनुमति ही नहीं देना चाहिए था। यदि प्रशासन ने अनुमति दिया भी था तो यातायात में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न हो इसका इंतजाम करना चाहिए था। जाम की हालत यह है कि किसी रास्ते से निकल पाना संभव नहीं है। महुआबाग के साथ की विशेश्वरगंज, लंका, सकलेनाबाद, मिश्रबाजार सहित अन्य मार्गों पर भी लोगों की रफ्तार थमी हुई है। पुलिस प्रशासन नामांकन के लिए नगर में जुलूस निकालने का प्रमिशन देने का खामियाजा आम लोगों को जाम का झाम झेलकर भुगतना पड़ रहा है।


वाहनों का संचालन ठप होने से बढ़ी परेशानी
गाजीपुर। छात्रसंघ चुनाव की वजह से कालेजों की तरफ से जाने वाले कई मार्गों पर बाइक और चारपहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया गया था। इसकी वजह से आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बैरिकेडिंग के पास तैनात पुलिस कर्मियों से उन लोगों को किचकिच होती रही है, जिनका मकान प्रतिबंधित मार्ग पर था। स्वामी सहजानंद कालेज जाने वाले मार्ग पर जिलाधिकारी आवास के पास पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग की गई थी। यह पर चारपहिया वाहनों के साथ ही बाइक सवारों को रोक दिया जा रहा था। लोग खजुरिया मार्ग होते हुए विकास भवन या गोराबाजार के लिए निकल रहे थे। आवागमन बंद होने से सबसे ज्यादा परेशान वे लोग रहे, जिनका मकान और दुकान आवागमन के लिए प्रतिबंधित मार्ग पर था। उनकी पुलिस कर्मियों से इस बात को लेकर किचकिच होती रही कि मेरा इसी मार्ग पर मकान है और वहां पर जाने के लिए एकमात्र यही रास्ता है। ऐसे लोगों को पुलिस कर्मी तब आगे जाने दे रहे थे, जब वह पूरी तरह से इस बात के लिए आश्वस्त हो जा रहे थे सही में इनका दुकान या मकान इसी मार्ग पर है और वहां तक जाने के लिए और कोई रास्ता नहीं है।
विज्ञापन

...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें