गाजीपुर। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा पूजा की धूम दिखाई देने लगी है। एक तरफ जहां शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बाहर से कारीगर बुलाकर भव्य पंडाल बनाने की कवायद शुरू हो गई है, वहीं कई पूजा कमेटी के लोग अपने हाथों से पंडाल बनाने में जुटे हुए हैं। मां शेरावाली को स्थापित करने के लिए उनका महल बनाने का कार्य भी जोर-शोर से शुरू हो गया है।
इस वर्ष 19 अक्तूबर को दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। एक तरफ जहां नंदगंज सहित कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में दशहरा से नौ दिन पहले नवरात्र के पहले दिन पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित पूजन-अर्चन शुरू कर दी जाएगी, वहीं नगर से अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में दशहरा से तीन दिन पूर्व प्रतिमा की स्थापना कर दर्शन-पूजन कार्य प्रारंभ होगा। जैसे-जैसे पर्व नजदीक आता जा रहा है, वैसे-वैसे पूजा कमेटियों के सदस्य जोर-शोर से कार्य में लगे हुए हैं। वे समय से पंडालों का काम पूरा कर लेना चाह रहे हैं। एक तरफ जहां कई पूजा समितियों की तरफ से कोलकाता, वाराणसी आदि जिलों से कारीगरों को बुलाकर पंडाल बनवाने का कार्य कराया जा रहा है, वहीं कई कमेटी के लोग खुद अपने हाथों से मां दुर्गा का महल तैयार करने में जुटे हुए है। पंडाल को भव्यता प्रदान करने के लिए पूजा कमेटियों में होड़ मची हुई है। शहर के महुआबाग, सकलेनाबाद, नवाब साहब का फाटक रुईमंडी आदि मुहल्लों में पंडाल निर्माण का कार्य पिछले कई दिनों से जारी है। कारीगर पूरी रात जागकर पंडाल को तैयार करने में जुटे हुए हैं। कोई पूजा कमेटी मंदिर के माडल में पंडाल बनवा रही है तो कोई गुफा और पहाड़ के माडल में। नंदगंज में पंडाल बनाने का काम तेज रफ्तार से चल रहा है। क्योंकि यहां नवरात्र के पहले दिन से ही मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित कर पूजन-अर्चन का कार्य प्रारंभ हो जाता है, जो लगातार विजयादशमी तक चलता हैै।