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किसी भी वादे को पूरा नहीं किया सरकार ने

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गाजीपुर। सिटी रेलवे स्टेशन परिसर में अखिल भारतीय किसान सभा और उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से सभा किया। इस मौके पर वक्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। कहा कि केंद्र सरकार ने जनता के साथ छल किया है। 2014 के चुनाव में किए गए किसी भी वादे को पूरा नहीं किया।
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उन्होंने कहा कि राजग देश की आजादी एवं राष्ट्रीय भावना को छिन्न-भिन्न कर सत्ता में बने रहना चाहती है। इसके लिए संविधान की समीक्षा और संशोधन, गोरक्षा एवं अन्य मुद्दों को उछाल कर भीड़ बटोर रही है। इतना ही नहीं हत्या, लव जेहाद, हिंदू-मुस्लिम, जाति-मजहब का इस्तेमाल करने से भी बाज नहीं आ रही है। एक देश, एक संविधान की बात है तो, सबको एक शिक्षा, एक समान स्वास्थ्य, सबको संतुलित भोजन, आवास, वस्त्र की समानता की व्यवस्था क्यों नहीं करती ? यह देश हिंदू-मुस्लिम, सिख, इसाई, पारसी, बौद्ध सबका है। सब इसके नागरिक हैं। तभी भारत की खूबसूरती कायम है, लेकिन वर्तमान राजग सरकार विषयांतर मुद्दे उठा कर जनहित के सवालों से देशवासियों का ध्यान हटाना चाहती है। हर हाल में वामपंथी, जनवादी, धर्मनिरपेक्ष ताकतें उनके मंसूबों को पूरा नहीं होने देंगे। कहा कि सबका साथ, सबका विकास का नारा देने वाली सरकार दलित, आदिवासियों, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर रोक लगाने में विफल हैं। दो अप्रैल 2018 भारत बंद के दौरान 11 सूत्री मांगों को सरकार के सामने रखा गया था। जिसे आज तक पूरा नहीं किया गया। उन मांगों में मुख्य रूप से आंदोलनकारियों पर जबरन थोपे गए मुकदमे वापस लेने, चंद्रशेखर एवं अन्य को बिना शर्त रिहा करने, उक्त आंदोलन में मरे लोगों को 20 लाख प्रत्येक व्यक्ति को मुआवजा देने, एससी/एसटी एक्ट को सख्ती से लागू करने, मनरेगा कानून को ईमानदारी से लागू करने, 55 वर्ष की उम्र के बाद खेत मजदूरों को प्रतिमाह पांच हजार पेंशन देना शामिल था। कहा कि सरकार केवल कारपोरेट घरानों का विकास कर रही है। अंत में राज्यपाल को संबोधित मांग पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपा गया। इस मौके पर जिला सचिव अमेरिका सिंह यादव, जिलामंत्री राम शुक्ला, जनार्दन राम, डा. रामबदन सिंह, सुदामा राम, ईश्वरलाल, पूर्व विधायक राजेंद्र यादव, रामलाल, रमेशचंद पाल, सूबेदार यादव, बच्चेलाल, डा. शिवपूजन बिंद, शमीम अहमद, सुरेंद्र राम, संजय कुमार, हरिहर यचादव, अंगद, चतुरी आदि ने अपना विचार व्यक्त किया।
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