बदली छाने से एक बार फिर से ठंड का प्रभाव बढ़ गया। कई दिनों से कड़ाके की धूप से ठंड काफी नरम हो गई थी। इससे लोगों ने शरीर से कपड़ों के बोझ को भी कुछ कम कर दिया था लेकिन गुरुवार को बदली की वजह से ठंड में इजाफा हो गया। इससे एक बार फिर से लोगों को गरम कपड़े निकालने पड़ गए। सर्द हवा चलने से गलन में भी वृद्धि हो गई। मौसम को देखकर लोगों को बारिश होने की आशंका सताती रही।
दिसंबर माह में ही ठंड का प्रभाव शुरू हो गया था। जनवरी माह की शुरुआत से ही ठंड लोगों को अपनी ताकत का एहसास कराने लगी थी। कोहरे का प्रभाव इस कदर था कि हर कोई इससे परेशान और बेहाल था। कोहरे ने वाहनों एवं ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया था। कोहरे की वजह से धूप का दर्शन नहीं हो रहा था। ठंड से परेशान लोग इससे बचाव के लिए गर्म कपड़ों के साथ ही अलाव का भी सहारा ले रहे थे। चार दिन से धूप निकल रही थी। इससे सर्दी काफी हद तक कम हो गई थी। ज्यादा देर तक धूप में खड़ा रहने पर गर्मी का एहसास होने लग रहा था। ठंड कम होने से लोगों ने शरीर से कपड़ों का बोझ भी कुछ कम कर दिया था। लोगों में इस बात की चर्चा शुरू हो गई थी, इसी तरह धूप निकलती रही तो ठंड से छुटकारा मिल जाएगा। इसी बीच गुरुवार की सुबह बदली छाई, जिससे ठंड में इजाफा हो गया। बदली के बीच सर्द हवा चलने से गलन के प्रभाव से लोग कांपने लगे। एक बार फिर से लोगों को शरीर पर गर्म कपड़ों का बोझ बढ़ाना पड़ा। दिन में एक बजे के बाद धूप जरूर निकली लेकिन उसकी चमक फीकी होने से वह लोगों को कुछ राहत नहीं दे सकी। मौसम को लेकर लोगों में यह चर्चा शुरू हो गई कि लगता है कि अभी ठंड और सताएगी। बदली के बीच लोग बारिश की भी आशंका जताते रहे।