ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मंगलवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्हें समस्याओं से संबंधित पांच सूत्री पत्रक सौंप इसके समाधान की मांग की।
जिलाधिकारी के बालाजी से वार्ता करते हुए जिलाध्यक्ष नागेंद्र यादव कहा कि ग्राम रोजगार सेवक की नियुक्ति मनरेगा योजना अंतर्गत की गई है लेकिन सरकार एवं शासन के आदेश अनुसार मनरेगा के अतिरिक्त समाज कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, प्रधानमंत्री आवाज योजना आदि योजनाओं में रोजगार सेवक का पूर्ण योगदान लिया जाता है लेकिन ग्राम पंचायत को सुदृढ़ बनाने वाले व्यक्ति के मानदेय का भुगतान 24 माह से नहीं किया गया है। इससे जिले के ग्राम रोजगार सेवक भुखमरी के कगार पर हैं। आयुक्त ग्राम विकास विभाग का आदेश 29 जून 2017 को हुआ कि मनरेगा कर्मचारियों को ईपीएफ एवं पेंशन का लाभ दिया जाए लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी इस आदेश को जिले में लागू नहीं किया गया। इसको लेकर मनरेगा कर्मियों में रोष है। कहा कि अगर एक सप्ताह के अंदर ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है तो जिले के ग्राम रोजगार सेवक बाध्य होकर मनरेगा सहित अन्य कार्यों को ठप करने का कार्य करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में पिंटू पांडेय, रामविलास, रामदुलार, आलोक, अमरनाथ, इंद्रजीत, रामध्यान, सहित दर्जनों लोग शामिल थे।