करंडा (गाजीपुर)। निकाय चुनाव के मद्देनजर जलमार्ग पर प्रतिबंध लगा देने से 25 क्विंटल से अधिक किसानों की हरी सब्जी नदी पार न जाने से खेतों में ही खराब हो गई। नाव का संचालन पूर्ण रूप से बंद होने के कारण लोगों को आने-जाने में तीन किमी की जगह 60 किमी तक की यात्रा करनी पड़ी। खासकर शादी-विवाह के इस मौसम में आमजनों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। जलमार्ग प्रतिबंधित करने के बाद घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
क्षेत्र के व्यापारी, दुधिए से लेकर आमजन को अपनी जरूरतों के लिए जमानियां जाना पड़ता है। 15 नवंबर से शुरू हो जाने वाले धरम्मपुर घाट का पीपी पुल भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों के आने-जाने का एकमात्र साधन नाव है। इसी के सहारे लोग आते-जाते हैं। निकाय चुनाव को देखते हुए मंगलवार की शाम पांच बजे से नावों का संचालन पूर्ण रुप से ठप कर दिया गया। इसके चलते रोज जाने वाले व्यापारी तथा आम जनता जहां-तहां फंसी रही। कई लोग पूरी रात ठंड के मौसम में घर आने के लिए उपाय खोजते रहे। उधर देर शाम खेतों में तोड़कर छोड़ी गई सब्जियां भी जस की तस पड़ी रह गई। क्षेत्र में कम से कम सात से अधिक गांव के किसान अपने खेतों की सब्जी मंडी में बेचने के लिए प्रतिदिन जलमार्ग से जमानिया नगर पालिका में जाते हैं। आवागमन प्रतिबंधित रहने से उनकी सब्जियां जस की तस खेतों में ही पड़ी रही। यही हाल इलाके के दुधियों का रहा। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 100 किसानों की 50 क्विंटल के आस-पास सब्जी जस की तस पड़ी रह गई। इधर जलमार्ग के बंद हो जाने से शादी विवाह के इस मौसम में लोगों को तीन किमी की जगह 60 किमी घूमकर सड़क मार्ग से आना पड़ा।