गाजीपुर। विभिन्न मांगों को लेकर साक्षरता कर्मियों ने सोमवार को विकास भवन में धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि योजना के समय वृद्धि पर समान कार्य, समान वेतन के आधार के साथ साक्षरता कर्मियों के नवीनीकरण का आदेश निर्गत किया जाए। चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना साक्षर भारत मिशन जिसमें 15 प्लस आयु वर्ग के असाक्षरों को बेसिक साक्षरता प्रदान करने के लिए हम साक्षरता कर्मियों को पूर्णकालिक संविदा कर्मी के रूप में मनोनीत किया गया है। वर्तमान में योजना का कार्यकाल सरकार द्वारा 30 सितंबर 2017 निर्धारित है। योजना के अंतर्गत जनपद स्तर पर चार जिला समन्वयक मानदेय 6000 प्रति, ब्लाक स्तर पर एक ब्लाक समन्वयक मानदेय 6000 रुपये प्रति एवं प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो प्रेरकों की नियुक्ति, जिसमें महिला प्रेरक पद आरक्षित, मानदेय 2000 प्रति पर नियुक्ति हुई है। प्रदेश सरकार के 66 जनपदों में योजना संचालित है। इस योजना में कार्यरत साक्षरता कर्मियों का लगभग 20-40 माह तक का मानदेय अवशेष है। कहा कि 30 सितंबर 2017 के बाद साक्षरता कर्मियों के नवीनीकरण पर साक्षरता निदेशालय द्वारा यह कहते हुए रोक लगाया गया है कि भारत सरकार द्वारा संविदा की अवधि बढ़ाए जाने का पत्र प्राप्त होेने पर अवगत कराया जाएगा। इसके कारण सभी साक्षरता कर्मियों के समक्ष अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है और वे भुखमरी के कगार पर आ गए है। सभी साक्षर कर्मियों ने एक स्वर से योजना के समय वृद्धि पर समान कार्य, समान वेतन के आधार के साथ साक्षरता कर्मियों के नवीनीकरण का आदेश निर्गत करने, साक्षरता कर्मियों का अवशेष मानदेय अविलंब भुगतान करने और साक्षरता कर्मियों का समायोजन राज्य कर्मचारी के रूप में पद के अनुरूप करने की मांग की। इस अवसर पर जिला महामंत्री मो. जावेद अनवर, जिलाध्यक्ष रामप्रकाश यादव, संतोष यादव, मनोज यादव, शिवकुमार सिंह, कृपाशंकर राय, अमित यादव, मुनीब यादव, बाबर खान, महेंद्र यादव, सत्यप्रताप, सहेंद्र, रविंद्र यादव आदि मौजूद थे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव ने धरना को अपना समर्थन दिया।