करंडा (गाजीपुर)। गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि के चलते क्षेत्र के चार गांवों में कटान काफी तेजी से हो रहा है। कटान के चलते अभी तक 20 बिगहे से उपर कृषि योग्य भूमि गंगा में समाहित हो चुकी है। सोमवार को कटान प्रभावित गांव रफीपुर और पुरैना का जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को राहत और बचाव के लिए सख्त निर्देश दिए।
जिलाधिकारी सोमवार को ब्लाक क्षेत्र के चार गांवों में चल रहे कटान का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दो गांवों पुरैना और रफीपुर गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों से भी जानकारी भी ली। ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि लगातार हो रहे कटान से चारों गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। कटान के चलते अभी तक 20 बिगहे कृषि योग्य भूमि गंगा में समाहित हो चुकी है। इसके चलते जानवरों का चारा और सब्जी भी समाहित हो चुकी है। डीएम ने गंगा में समाहित हो चुकी कृषि योग्य भूमि का आकड़ा तैयार कर रिपोर्ट देने का निर्देश राजस्व विभाग की टीम को दी। इस दौरान बड़हरिया गांव के किसान नेता ने रामजी मास्टर ने अधिकारियों की ओर से की जा रही उपेक्षा की आवाज उठाई। इस पर डीएम ने किसान नेता पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। निर्देश के बाद पुलिस किसान नेता को पकड़कर थाने ले आई। ग्रामीणों के आग्रह पर डीएम के निर्देश पर बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया।