सुहवल। राज्य सरकार ने 62 वर्ष की आयु सीमा पूरी करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के क्रियाकलापों की जांच भी कराई जाएगी। शासन को निरंतर यह शिकायत मिल रही है कि सरकार के दिशा-निर्देश के विपरीत अब भी 62 साल से ज्यादा आयु की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सेवा ली जा रही है और उनको मानदेय दिया जा रहा है। इसे लेकर विशेष सचिव गरिमा यादव ने बीते 22 जुलाई को बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार के निदेशक को पत्र जारी कर ऐसी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चिह्नित कर उन्हें सेवानिवृत्ति का निर्देश दिया है। जिले की करीब 190 आगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रभावित हो सकती हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि जनपद में मौजूदा समय में 3579 आंगनबाड़ी और 3579 सहायिका, जबकि 548 मिनी आंगनबाड़ी है। इनमें करीब 116 आगंनबाड़ी / मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने या तो नौकरी छोड़ दी है अथवा उनकी मृत्यु हो चुकी है। वहीं 235 के करीब सहायिकाओं की भी या तो मृत्यु हो गई अथवा नौकरी छोड़ चुकी हैं। पूरी प्रक्रिया आगामी 20 अगस्त अवश्य तक पूरी कर इसकी रिपोर्ट शासन को भेजनी है। सभी परियोजनाओं से ऐसी कार्यकर्ताओं को चिह्नित भी कर लिया गया है जिनकी संख्या करीब 190 के आसपास होने की संभावना है।