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बिजली विभाग का करोड़ों दबाए बैठे हैं सरकारी विभाग

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गाजीपुर। आम उपभोक्ताओं पर ही नहीं सरकारी विभागों पर भी विद्युत विभाग का करोड़ों रुपये बकाया है। पुलिस लाइन, विकास भवन, जिला अस्पताल सहित अन्य विभागों के बकाए की रकम जोड़ी जाए तो छह करोड़ 94 लाख 93 हजार 757 रुपया बकाया है। बकाएदारों की लिस्ट में कुछ वर्ष पहले बनकर तैयार हुआ रेलवे ट्रेनिंग सेंटर भी शामिल है। विभाग की तरफ से बार-बार बकाया जमा करने की अपील की जा रही है, लेकिन बकाएदार विभाग कान में तेल डाले बैठे हैं। सरकारी विभाग होने की वजह से बिजली विभाग भी इन विभागों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से कतरा रहा है।
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बिजली विभाग बकाएदारों के खिलाफ पिछले कई माह से अभियान चला रहा है। इसके तहत बकाया न जमा करने वालों का कनेक्शन काटने के साथ ही एफआईआर की कार्रवाई की जा रही है। बकाया जमा करने पर करीब 12 दिन पहले विभाग विद्युत विभाग ने बड़ीबाग स्थित कांशीराम आवास और आदर्श बाजार स्थित कांशीराम आवास का विद्युत कनेक्शन काट दिया था। इससे बकाएदारों में यह चर्चा शुरू हो गई थी कि बिजली विभाग बकाए को लेकर काफी गंभीर हो गया है लेकिन सरकारी विभागों पर करोड़ों बकाया होने के बाद भी विभाग इन पर कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। शायद यही कारण है कि पुलिस लाइन, विकास भवन, रेलवे ट्रेनिंग सेंटर, जिला और महिला अस्पताल, नवोदय विद्यालय, पीएंडआर विभाग का छह करोड़ 94 लाख 93 हजार 757 रुपये विद्युत बिल बकाया है। विभाग द्वारा मिली सूची की मानें तो सौ बेड के महिला अस्पताल पर 10 लाख 93 हजार 757 रुपये, गोराबाजार स्थित दो सौ वेड के अस्पताल पर 40 लाख, पुलिस लाइन पर पांच करोड़ 81 लाख, विकास भवन पर 19 लाख, नवोदय विद्यालय पर आठ लाख, पीएंडआर घाट स्टेशन पर 15 लाख के साथ ही कुछ वर्ष पहले बनकर तैयार रेलवे ट्रेनिंग सेंटर पर विभाग का 21 लाख रुपये बिजली का बिल का बकाया है। अधिशासी अभियंता द्वितीय एसके सिंह ने बताया कि विकास भवन, जिला और महिला अस्पताल, पुलिस लाइन, रेलवे ट्रेनिंग सेंटर सहित अन्य सरकारी विभागों पर करोड़ों का विद्युत बिल बकाया है। इन विभागों को लगातार लिखित और मौखिक अवगत कराते हुए बकाया जमा करने की अपील की जा रही है।
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