मुहम्मदाबाद(गाजीपुर)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर तहसील विधिक सेवा समिति की ओर से बुधवार की शाम को तहसील सभागार में ट्रांसजेंडर (किन्नर) के अधिकार विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन हुआ। शिविर की अध्यक्षता कर रहे तहसील विधिक सेवा समिति के सचिव तहसीलदार घनश्याम ने कहा कि किन्नर हमारे देश का अभिन्न अंग हैं। औरों की तरह लाभ प्राप्त करना इनका अधिकार है।
उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति हमारी सरकार एवं प्रशासन संवेदनशील होने के साथ ही इनकी सुरक्षा के प्रति सतर्क है। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक कुमार राय ने कहा कि ट्रांसजेंडर (किन्नर) हमारे देश के नागरिक हैं। सर्वोच्च न्यायालय किन्नरों को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता प्रदान करते हुए पिछड़ी जाति की तरह नौकरी, स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में मदद करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार को निर्देश दे चुकी है। ट्रांसजेंडर समुदाय को देश की मुख्यधारा में लाने के लिए 19 जुलाई 2016 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की हुई बैठक में ट्रांसजेंडर पर्संस (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ) बिल 2016 को मंजूरी प्रदान की गई। इसमें ट्रांसजेंडर्स के अधिकार को संरक्षण प्रदान करने के साथ ही उनके साथ दुर्व्यवहार होने पर दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर ट्रांसजेंडर अनुसूचित जाति का है तो उसे अनुसूचित जाति के तहत आरक्षण प्रदान किया जाएगा तथा शेष ट्रांसजेंडर को पिछड़ी जाति में रखा गया है। इस अवसर पर अधिवक्ता दयाशंकर दूबे, रितेश राय, समता बिंद, विनय कुमार राय, मृत्युंजय राय, धनंजय राय, मुन्ना यादव, सुबच्चन यादव, रजिस्ट्रार कानूनगो राकेश यादव, छाया सिंह, रामाश्रय पांडेय, इंद्रकुमार पाल, जग्गू यादव, जंगबहादुर यादव आदि उपस्थित थ। कार्यक्रम का संचालन विमल कुमार राय ने किया।