मरदह। पंचायत राज विभाग की घोर लापरवाही और उदासीनता के कारण आज तक स्थानीय ग्राम सभा में सफाई कर्मचारी नियुक्त नहीं किए गए। कूड़े कचरे की ढेर के चलते चलना मुश्किल हो गया है। स्वच्छता अभियान के तहत जागरूकता अभियान चलाने वाले लोगों ने स्वच्छ भारत-सुंदर भारत, स्वच्छता अपनाएं, बीमारियां भगाएं का नारा लगाया था। अब यह नारा फेल होता दिख रहा है।
अभियान में गांव के सैकड़ों लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हुए हाथों में झाड़ू लेकर शुरुआत किया जो आज सिमट कर रह गई। स्थानीय बाजार में जामा मस्जिद के पास कई माह से नाले का पानी रोड पर बह रहा है, इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। जगह-जगह कूड़े कचरे के ढेर लगे हुए है, जो विषैले दुर्गंध दे रहे है। इससे आमजन परेशान दिख रहे है। फिर भी अधिकारी और सफाईकर्मी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे है। इस मार्ग से रोज सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ सैकड़ों अधिकारी और कर्मचारी के साथ ही साथ सैकड़ों नागरिक रोज आते जाते है। गांव के डॉ. राजकुमार सिंह, बिरजू सिंह, प्रदीप सिंह, सतीश सिंह, अर्जुन प्रसाद, रामधनी चौहान, पिंटू सिंह, भरत खरवार, मदन चौरसिया, पुनित सिंह आदि ने कहा कि जब ब्लाक मुख्यालय गांव का हाल यह है तो विकासखंड के ग्राम सभाओं का क्या हाल होगा। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है। इस संबंध में ग्राम प्रधान उमरावती सिंह ने बताया कि विगत एक वर्ष बाद यहां पर सफाई कर्मचारी तैनात नहीं किए गए। इसकी शिकायत जिला स्तर के अधिकारियों से की जा चुकी है। एडीओ पंचायत अर्जुन राम ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में है। उच्चधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा दिया गया है।