कारीमुद्दीनपुर (गाजीपुर)। जहूराबाद-बाराचवर-कामुपुर-लट्ठूडीह से लेकर विश्वंभरपुर तक जाने वाली नहर में पानी न आने से किसानों के खेतों की सिंचाई महीनों से बाधित है। जिससे किसानों में भारी नाराजगी है। देवकली पंप कैनाल से लगे इस नहर में पानी न आने से किसानों को फसलों की सिंचाई निजी साधनों या दूसरे के निजी नलकूपों से किराए पर पानी लेकर किया जा रहा है। बाराचवर विकास खंड में कई किमी तक फैली नहर से किसान गेहूं, धान तथा आलू की खेती करते हैं। धान की फसल फूटने लगी है, बरसात न होने तथा नहर में समय से पानी न मिलने से फसल सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है। इस समय सिंचाई की जरूरत है। जिसे लेकर किसान परेेशान और चिंतित हैं।
क्षेत्र के किसान प्रमोद राय, विश्राम यादव, श्रीप्रकाश राय, जनार्दन राय, मुरली सिंह ने बताया की खरीफ की सिंचाई के लिए नहर में पानी नहीं मिल पा रहा है। कुछ दिन पहले तक संयोग अच्छा रहा कि समय-समय पर हल्की और अच्छी बरसात हो गई और किसान भूखे मरने से बच गए। इन दिनों धान की फसल की सिंचाई को लेकर नहर में पानी नहीं है और लोग परेशान हैं। किसनों का कहना है की धान की फसल अंतिम समय में सूख रही है। आलू ,गेहूं सहित अन्य फसलों की खेती की तैयारी पानी के बिना बाधित है। किसान समस्या से जूझ रहे हैं और आलू में भारी नुकसान झेल रहे हैं। किसानों ने तुरंत नहर में पानी छोड़कर समस्या का समाधान करने की मांग की है। इस नहर से जहूराबाद, मुहम्मदपुर ,खारा, टोडरपुर, अहिरौली, अन्यायिपुर, जमीरा, सिपाह, अकबरपुर, मटवा, जितनपुर, भोपतपुर, हुसेनाबाद, बाराचवर, पलिया, महसनपुर, कामुपुर, कादीपुर, चकफतमा, बद्दोपुर, चकिया, पातेपुर, उचाडीह, सोदोपुर, लट्ठूडीह, विश्वंभरपुर सहित अन्य गावों की सिंचाई प्रभावित है। किसानों ने अविलंब पानी छोड़े जाने की मांग की है। देवकली पंप कैनाल के अधिशासी अभियंता सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि कुछ जगहों पर नहर के मरम्मर का कार्य चल रहा है जल्द ही नहर में पानी छोड़ा जाएगा।