मुहम्मदाबाद (गाजीपुर)। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के फिरोजपुर गांव के पास कुछ दिन पहले मासूम सहित तीन लोगों की वाहन से कुचलकर हुई मौत के मामले में पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ रविवार को ग्रामीणों ने आस्तीन चढ़ा ली। कोतवाली परिसर में धरना देकर घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्त की गिरफ्तारी एवं विवेचक को निलंबित किए जाने की मांग की।
धरने पर बैठे ग्राम प्रधान एवं मृतकों के साथ सहानुभूति रखने वाले युवक पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घटना के विवेचक दरोगा मंटु राम को निलंबित किए जाने की मांग कर रहे थे। धरना देने वाले लोगों का आरोप था कि घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्त के विरुद्ध नामजद तहरीर देने के बावजूद तीन लोगों की मौत से संबंधित इस हृदय विदारक घटना के विवेचक ने घटना के 26 दिन बीत जाने के बाद भी न तो नजरी-नक्शा बनाया और न ही घटना की एकमात्र चश्मदीद मासूमों की मां का बयान भी नहीं दर्ज किया। मौके पर पहुंचे कासिमाबाद के क्षेत्राधिकारी डॉ. कृष्णकांत सरोज से लोगों ने विवेचक के ऊपर अभियुक्त से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उसे निलंबित किए जाने की मांग की। भाजपा नेता राजेश राय बागी ने घटना के लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर रोष जताया। कोतवाल पंकज मिश्रा ने बताया कि दो दिन पहले मृत मासूमों की मां का बयान दर्ज किया गया है। विवेचक की लापरवाही स्वीकार करते हुए क्षेत्राधिकारी डॉ. सरोज के विवेचक बदलने एवं स्वयं संज्ञान लेकर उनकी लापरवाही की जांच के बाद उसके विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के साथ ही अभियुक्त की गिरफ्तारी का आश्वासन देने पर धरना समाप्त हुआ। इस मौके पर संजू जायसवाल, शशिकांत शर्मा उर्फ भुवंर, अजय तिवारी, राजेश राय बागी, दीपू गुप्ता, शकील खां, रईस अंसारी, अमित, सोनू वर्मा, जितेंद्र चौरसिया, संदीप कुमार डालर, अमरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र चौरसिया, शुभम केशरी, विनोद यादव आदि थे।