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ड्यूटी से गायब तीन चिकित्सकों के विरूद्ध नोटिस जारी

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गाजीपुर। जिले में स्वास्थ्य सुविधा बढ़ाने तथा व्यवस्था को पटरी पर लाने के नाम पर सरकार प्रतिवर्ष भले ही करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सुविधा के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। इन दिनों मरीजों के परेशानी की वजह कुछ और भी है। जिला अस्पताल चिकित्सक की कमी है। वर्तमान में चिकित्सकों के कुल 26 पद हैं, लेकिन 18 चिकित्सक ही तैनात हैं। इसमें से भी तीन चिकित्सक काफी दिनों से अनुपस्थित चल रहे हैं। ड्यूूटी से गायब रहने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही इसकी रिपोर्ट अपर स्वास्थ्य निदेशक वाराणसी को भेज दी गई है।
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जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्साधीक्षक के साथ ही चेस्ट फिजीशियन, रेडियोलाजिस्ट, फिजीशियन, एनेस्थेटिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन, स्किन एवं वीडी तथा डेंटल सर्जन आदि की कमी है। चिकित्सकों की कमी के कारण रोगी को रेफर किए जाने की परंपरा जिला अस्पताल में बनी हुई है। इससे तीमारदार शोषण के शिकार होते हैं और मजबूरी में मरीज को लेकर निजी चिकित्सालय अथवा जिले से बाहर जाते हैं। आलम यह है कि जिला अस्पताल में एक भी कठिन ऑपरेशन नहीं किया जाता। यहां दवा का भी हमेशा अभाव रहता है। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन अक्सर खराब रहती है। एक्स-रे प्लेट खत्म होने तथा पुराने होने की वजह से ठीक से काम नहीं करते। जिला चिकित्सालय में एक सर्जन, एक आर्थोपेडिक सर्जन, एक पैथालाजिस्ट, एक नेत्र सर्जन वर्तमान में कार्यरत हैं। जबकि इनका मानक दो का है। इसके साथ ही ईएमओ के चार पद हैं, लेकिन तैनाती केवल दो की है। बाल रोग विशेषज्ञ के दो पद हैं और दोनों खाली हैं। उधर जिला अस्पताल में तैनात डाक्टर रत्नाकर सिंह पिछले 14 जून से अनुपस्थित चल रहे हैं। इसके साथ ही डॉ. जेपी राय 15 मई से तथा डॉ. बी राय आठ जून से गायब हैं। इन तीनों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। साथ ही इसकी रिपोर्ट अपर स्वास्थ्य निदेशक वाराणसी को भेज दिया गया है।
जिला अस्पताल में डाक्टर, दवा और समुचित चिकित्सीय उपकरण उपलब्ध न होने से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। नि:शक्त और वृद्ध मरीजों के लिए ओपीडी में देखने की अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। जानकारों की माने तो ओपीडी में 33 दवा की जगह केवल 15 से 20 दवा ही उपलब्ध है। इनडोर में 127 की जगह केवल 60 से 70 दवा मौजूद है। कुछ दवाओं का उपयोग यदा कदा ही किया जाता है। जबकि नियमित उपयोग होने वाली दवाओं का हमेशा अभाव रहता है। समय पर चिकित्सक उसे मरीज के साथ आए तीमारदारों से ही मंगाते हैं। इस संबंध में सीएमएस डॉ. एसएन प्रसाद ने बताया कि जिला अस्पताल में तैनात तीन चिकित्सकों के विरुद्ध नोटिस जारी किया गया है। साथ ही अपर स्वास्थ्य निदेशक को इसकी रिपोर्ट भेज दी गई है।
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