गाजीपुर। मंगलवार की रात रौजा ओवरब्रिज पर जाते समय बोल्डर लदा एक ट्रक खराब हो गया। जिससे उसे रास्ते में ही खड़ा कर दिया गया। ट्रक के ओवरब्रिज पर खड़ा होने से कुछ देर तक किसी तरह वाहनों का आवागमन जारी रहा। लेकिन वाहनों का दबाव बढ़ते ही दोपहर में भीषण जाम लग गया और ओवरब्रिज के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस कारण शहर के रौजा से लेकर सकलेनाबाद तक वाहन जाम में फंसे रहे। करीब डेढ़ घंटे बाद किसी तरह आवागमन सुचारू हो सका। तब जाकर कुछ समय के लिए लोगों ने राहत की सांस ली। ट्रक बीच रास्ते में खड़ा होने से पूरे दिन जाम लगता और छूटता रहा। गाजीपुर-मुहम्मदाबाद-मऊ मार्ग पर आए दिन लोगों को जाम का झाम झेलना पड़ता है। कभी आधा तो कभी डेढ़ से लेकर दो घंटे तक वाहनों के पहिए थमे रहते हैं। इसी क्रम में मंगलवार की रात ईदगाह के पास ओवरब्रिज पर जाते समय पत्थर का बोल्डर लदा एक ट्रक खराब हो गया। इससे वह बीच रास्ते में ही खड़ा हो गया। रात में तो आवागमन का दबाव कम होने से आवागमन सुचारू रहा, लेकिन बुधवार की सुबह आवागमन का दबाव बढ़ने की वजह से यातायात प्रभावित होने लगा। खराब ट्रक के बगल से एक साथ आमने-सामने से वाहन नहीं निकल पा रहे हैं। इससे उन्हें बारी-बारी से निकलना पड़ रहा था। दोपहर के करीब आमने-सामने से वाहनों के निकलने के चक्कर में आवागमन प्रभावित हो गया। फिर क्या था, कुछ ही देर में एक के बाद एक वाहनों के पहिए थमने लगे और देखते ही देखते भीषण जाम लग गया। रौजा से लेकर सकलेनाबाद तक वाहनों की लाइन लग गई। वाहनों से ओवरब्रिज भर गया। हालत यह था कि वाहनों के निकलने के लिए कौन कहे, पैदल आवागमन करने वालों को भी सोचना पड़ रहा था। तेज धूप से जाम में फंसे लोग भी आवागमन सुचारू होने का इंतजार करते रहे। वाहनों में सवार लोग बार-बार उतरकर आढ़े-तिरछा भीड़ में घुसे वाहन चालकों को वाहनों से सीधा करने के लिए कहते है, लेकिन आगे-पीछे वाहनों के खड़ा रहने की वजह से वाहनों को आगे-पीछे करना संभव नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर लोगों में तीखी बहस के साथ ही किचकिच होती रही। जाम की जानकारी होने पर मौके पर पहुंची पुलिस आवागमन सुचारू कराने में जुट गई। काफी मशक्कत के बाद एक घंटा बाद आवागमन सुचारू होने पर लोगों ने राहत की सास ली। इसके बाद भी खराब ट्रक की वजह से पूरे दिन बार-बार आवागमन में अवरोध उत्पन्न होता रहा।