सजगता और अच्छा आचरण की वजह से नारी को हर प्रकार का सम्मान मिला है। हर काम में विश्वास और आत्मबल रखना चाहिए। नारी अगर रोना छोड़ दे तो वह अच्छे-अच्छे लोगों को रुला सकती है। ये बातें बुधवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित अपराजिता-100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत सावित्री बालिका इंटर कॉलेज बरहपुर में आयोजित नारी सुरक्षा विषयक गोष्ठी में वक्ताओं ने कहीं। इस मौके पर स्कूल की करीब एक हजार छात्राओं से शपथ पत्र भरवाया गया।
कॉलेज की प्रधानाचार्या प्रतिभा सिंह ने कहा कि महिलाएं कमजोर नहीं है। बस उन्हें अपने सुरक्षा के लिए एक कदम उठाने की आवश्यकता है। अभी हाल ही में मीडिया के माध्यम से कई ऐसे मामले देखने को मिले हैं जिसमें महिलाओं को सशक्त और बहादुर माना गया है। छात्राओं की हौसला आफजाई करते हुए उन्होंने कहा कि वह किसी से डरें नही तथा खुल कर बोलें। पूनम पांडेय ने कहा कि घरेलू हिंसा की बढ़ती घटनाओं का कारण आपसी सामंजस्य का नहीं होना है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए की कड़े कानून बनाए गए हैं। इसकी जानकारी होना आवश्यक है। अधिकार पाने के लिए नारी को हर परिस्थितियों का सामना कर आगे बढ़ना होगा। कुंती यादव ने कहा कि अशिक्षा आज के जमाने में सबसे बड़ा अभिशाप है। सभी को शिक्षित होना अति आवश्यक है। इसके अभाव में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य नहीं किया जा सकता। कहा कि जिस घर में बेटी न हो उस घर में रौनक ही नहीं होती, लेकिन शिक्षित बेटी घर के साथ-साथ एक समाज को चला सकती है। प्रवक्ता लल्लन सिंह ने अमर उजाला के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आगे चल कर यह कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा। कहा कि अमर उजाला समाज को जागरूक कर रहा है, जो सराहनीय कदम है। इस मौके पर गीता सिंह, मीरा यादव, सोनी आदि ने सराहनीय भूमिका निभाई।