सुहवल। क्षेत्र में पिछले कई माह से मनमाने तरीके से बिजली आपूर्ति की जा रही है। 40 घंटे बाद भी बिजली का दर्शन न होने पर ग्रामीणों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। काफी संख्या में ग्रामीण ताड़ीघाट विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचे और विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ लोगों ने विभागीय मंत्री तक से बात की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया और जल्द से जल्द आपूर्ति शुरू कराने का फोन पर आश्वासन दिया। तब जाकर प्रदर्शन समाप्त हुआ। हालांकि शनिवार की दोपहर में विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी गई, लेकिन उसके आने-जाने का क्रम बना रहा।
गुरुवार की शाम करीब चार बजे जमानिया स्थित 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र से सुहवल स्थित ताड़ीघाट, ढढनी और रेवतीपुर विद्युत उपकेंद्रों पर आने वाले हाईटेंशन लाइन में फाल्ट आ गया था। इससे इन तीनों विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े सैकड़ों गांव की बत्ती गुल हो गई थी। इस वजह से भीषण गर्मी में लोगों को परेशानी बढ़ गई। रात में लोग चैन की नींद तक नहीं सो सके। दूसरे दिन शुक्रवार को भी पूरे दिन बिजली का दर्शन न होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। परेशान लोग बार-बार अधिकारियों और कर्मचारियों से बिजली आने के संबंध में पूछते रहे, लेकिन कोई सही जवाब नहीं दे रहा था। जब तीसरे दिन शनिवार की सुबह तक भी बिजली का दर्शन नहीं हुआ तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने छात्र नेता अनूप राय के नेतृत्व में सुबह करीब आठ बजे सुहवल स्थित ताड़ीघाट उपकेंद्र पर पहुंच गए। विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। इल मौके पर छात्र नेता अनूप राय ने कहा कि कई माह से मनमाने तरीके से बिजली आपूर्ति की जा रही है। आए दिन फाल्ट की वजह से घंटों आपूर्ति ठप हो जा रही है। कटौती के संबंध में पूछने पर कोई अधिकारी बताने को तैयार नहीं हुआ। चेतावनी दी कि यदि आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो वह ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे। छात्र नेता ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से मोबाइल पर बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि अधिकारियों से वार्ता से कर जल्द से जल्द आपूर्ति सुचारु कराई जाएगी। इस पर दोपहर 12 बजे के करीब प्रदर्शन समाप्त हुआ और 44 घंटे बाद आपूर्ति सुचारु हो गई। लेकिन उसके आने और जाने का क्रम बना रहा। प्रदर्शन करने वालों में जिला पंचायत सदस्य शिवबचन यादव, जयशकंर पाल, सतेंद्र शर्मा, विनित राय, धंनजय राय, शिवजी कुशवाहा, राजेश, एहसान, मनोज, मयंक, सुजीत, रमेश आदि शामिल रहे।