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लाउडस्पीकर की अनुमति के नाम पर वसूली

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गाजीपुर। जिले में डीजे और लाउडस्पीकर की तेज आवाज को बंद कराने के पीछे शासन एवं जिला प्रशासन की सोच चाहे जितनी अच्छी रही हो, लेकिन यह शासनादेश पुलिस महकमे के लिए कमाऊ पूत साबित हो रही है। किसी भी मांगलिक कार्यक्रम में लोग सब काम छोड़कर अनुमति के लिए थाने का चक्कर काटने को मजबूर है। पुलिस इसके नाम पर जमकर वसूली कर रही है।
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ध्वनि प्रदूषण को लेकर सख्त हुए शासन ने कुछ दिनों पहले लाउडस्पीकर और डीजे पर रोक लगा दिया। अनुमति के लिए आवेदनों को तहसील से थानों पर जांच के लिए भेजा जा रहा है। मांगलिक कार्यक्रम में परेशान लोग सब काम छोड़कर लाउडस्पीकर और डीजे बजाने की अनुमति लेने के लिए थानों का चक्कर काट रहे है। अनुमति देने के नाम पर थानों में तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा वसूली करने का लगातार जा रही है। लोगों ने आरोप लगाते हुए बताया कि मांगलिक कार्यक्रमों में लाउडस्पीकर और डीजे बजवाने के लिए अनुमति लेने के लिए काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अनुमति देने के नाम पर थानों का एक तो कई दिनों तक चक्कर काटना पड़ रहा है। अगर प्रयास से अनुमिल मिल भी रही है तो इसके लिए पैसा भी देना पड़ रहा है। मांगलिक कार्यक्रमों में एक अलग ही आर्थिक बोझ बन चुका है। इस संबंध में एसपी सोमेन वर्मा ने बताया की एसडीएम कार्यालय से आवेदन जांच के लिए थानों में जाती है। इसके बाद अनुमति एसडीएम कार्यालय से ही मिलता है। लाउडस्पीकर और डीजे की अनुमति थानों से नहीं दी जाती है।
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