गाजीपुर। जिले में प्रथम चरण का निकाय चुनाव बुधवार को खत्म हो गया। इसके साथ ही निकायों की शोरगुल और चहलकदमी भी सन्नाटे में बदल गई है। अब उम्मीदवारों की किस्मत और राजनीतिक पंडितों तथा कद्दावर नेताओं की प्रतिष्ठा मतपेटी में बंद हो गई है। इनके भाग्य का फैसला एक दिसंबर को मतगणना के साथ होगा। नतीजों की घोषणा के बाद यह भी पता चल जाएगा कि किस दिग्गज नेता की प्रतिष्ठा बच गई है। ऐसे देखा जाए तो प्रतिष्ठा परख सीट मुहम्मदाबाद और गाजीपुर को माना जा रहा है। यहां कई दिग्गजों ने परीक्षा एक साथ दी है।
जिले में तीन नगर पालिका परिषद एवं पांच नगर पंचायतों के लिए पहले चरण में बुधवार को मतदान कराया गया। चुनाव में अध्यक्ष पद की आठ सीटों के साथ ही सभी निकायों के 136 वार्डों के लिए चुनाव कराया गया। चुनावी जंग जीतने के लिए जहां ताल ठोंक रहे सभी दावेदारों ने दिन-रात एक कर दिया था, वहीं जिले की राजनीति के कई सूरमा भी अपने उम्मीदवारों के लिए हुंकार भरते रहे। खासकर नगर पालिका परिषद गाजीपुर एवं नपाप मुहम्मदाबाद की रसूखदार कुर्सी को लेकर ज्यादा मारामारी रही। इन दोनों ही सीटों पर जिले की राजनीति में दम-खम रखने वालों ने अपने प्रत्याशियों के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। जनसंपर्क, नुक्कड़ सभा के साथ ही जुलूस में शामिल होकर उनकी चुनावी नैया को पार लगाने की हर संभव कोशिश की है। इस सियासी जंग में किसको शह और किसको मात मिलती है यह तो एक दिसंबर को चुनावी नतीजे घोषित होने के बाद ही पता चलेगा।