गाजीपुर। जिले के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गर्मी की छुट्टी के बाद विद्यालय खुलते ही नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित करने का सरकार ने दावा किया था लेकिन एक सप्ताह का समय बीत जाने के बाद भी प्राथमिक विद्यालयों में किताबों का वितरण शुरू नहीं हुआ। जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अभी तक सिर्फ कक्षा छह में तीन किताबें ही वितरित की गई है। कक्षा सात एवं आठ के बच्चों को एक भी किताब नहीं दी गई है। आगे किताबों का वितरण कब तक किया जाएगा, यह कोई भी अधिकारी एवं कर्मचारी बताने को तैयार नहीं है।
पिछले कई वर्षों के बाद यह पहला अवसर है जब प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें जुलाई के प्रथम सप्ताह में बांटना शुरू किया गया है। इसके पहले के वर्षों में यह पुस्तकें सितंबर से लेकर अक्तूबर माह तक बंटती रही। बेसिक स्तर की शिक्षा का सत्र गत अप्रैल माह से शुरू हुआ है और आज तक इस सत्र के पढ़ाई के लगभग दो महीने बीत चुके हैं। इतना समय बीतने के बाद भी अभी यह निश्चित नहीं है कि किताबों का पूरा वितरण कब तक संभव होगा। प्राथमिक स्तर पर कक्षा एक में एक किताब, कक्षा-दो में दो किताबें, कक्षा-तीन में पांच किताबें, कक्षा-चार एवं पांच में छह-छह किताबें चलती हैं। उच्च प्राथमिक स्तर पर कुल 14 विषयों की किताबें चलती हैं। इनमें से कक्षा -छह में सिर्फ हिंदी, संस्कृत और हमारा समाज एवं भूमंडल की किताबों का वितरण ही हो पाया है। ऐसी स्थिति में विद्यालयों में बिना किताब की पढ़ाई कराना शिक्षकों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। शिक्षकों का कहना है कि जब किताबें छप नहीं पाई है तो सरकार क्यों नहीं पुरानी किताबों को वितरित करा रही है। इससे बच्चों को सही ढंग से पढ़ाया तो जाता। किताबों के न रहने से पठन-पाठन का कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी श्रवण कुमार ने बताया कि जिले को जैसे-जैसे पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध होती जाएंगी। छात्रों में उसका वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। वर्तमान में कुछ विषयों की पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं, इस लिए उनका वितरण अभी तक नहीं हुआ है। बहुत जल्द इसे छात्रों तक पहुंचाने का काम किया जाएगा।