मछली मारने के विवाद में उधरनपुर में शनिवार को हुई आगजनी और फायरिंग की घटना में पुलिस ने दोनों गुटों के 17 लोगोें को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिश दी जा रही है।
पुलिस के भय से गांव वाले घर छोड़कर फरार हो गए हैं। कुछ ही घरों में महिलाएं और बच्चे हैं। वे भी दहलीज पर पांव नहीं रख रहे हैं। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और इस सन्नाटे को गश्ती पुलिस की बूटों की आवाज ही तोड़ रही है।
रेवतीपुर थाने के उधरनपुर में दो पक्षों के बीच मनमुटाव की बुनियाद तो प्रधानी चुनाव को लेकर ही पड़ चुकी थी। फूलचंद चौधरी के पट्टे की पोखरी में मछली मारने के एक गुट के प्रयास ने इस अदावत को हवा दे दी।
दरअसल जिस पोखरी में फूलचंद मत्स्य पालन करते हैं। उसका पट्टा भी विवाद का कारण है। दरअसल गांव के कुछ लोग इसका पट्टा किसी और व्यक्ति को दिलाना चाहते हैं।
शुक्रवार की देर शाम फूलचंद की पोखरी में दूसरे पक्ष के लोग मछली मारने पहुंचे थे। इस पर फूलचंद ने टोका तो हाथापाई होने लगी। विवाद की सूचना पहुंचने पर पुलिस ने दोनों ही पक्षों पर शांतिभंग का आरोप लगाया और
थाने से ही जमानत दे दी। शनिवार की सुबह इसी रंजिश को लेकर दोनों पक्षों में खूनी जंग हो गइ और गांव का अमन चैन खो गया।
रेवतीपुर पुलिस विवाद को गंभीरता से लिया होता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। पुलिस अधीक्षक रामकिशोर ने रेवतीपुर थानाध्यक्ष को इस मुद्दे पर कड़ी फटकार लगाई है
और अधीक्षक ग्रामीण अनिल कुमार सिदौदिया, पुलिस उपाधीक्षक जमानिया अनिल कुमार को गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी है। गांव के पंचायत भवन पर एक प्लाटून पीएसी भी तैनात कर दी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
इससे गांव में दहशत का माहौल है और पुरुष गिरफ्तारी के भय से गांव छोड़कर भाग गए हैं। गांव की चट्टी और चायपान की दूकानें रविवार को परी तरह बंद रहीं।
पुलिस अधीक्षक रामकिशोर ने बताया कि उधरनपुर में मछली मारने की बात को लेकर हुई मारपीट के मामले में 14 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
इस घटना में गोली नहीं चली थी और न ही गोली लगने से कोई घायल है। पीड़ित पथराव में घायल हुए थे। मौके पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ,