सुहवल । कुपवाडा में सेना की ओर से सर्च आपरेशन के दौरान एंबुश लगाते समय पैर फिसल जाने से मेजर विकास सिंह गहरी खाईं में गिरकर गंभीर रुप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए सेना के कमांड हास्पिटल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान आज सुबह उनकी मौत हो गई।
ताड़ीघाट गांव निवासी स्व. जितेंद्र सिंह के पुत्र मेजर विकास सिंह (31) की मौत की सूचना उसकी पत्नी आंचल सिंह जो अपने मायके में थी उसको सेना के अधिकारियों ने दी। इसके बाद इसकी सूचना उसने ताड़ीघाट अपने ससुराल के लोगों को दी। जानकारी होते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में सन्नाटा छा गया। सूचना मिलते ही सुहवल थानाध्यक्ष राजू कुमार जवान के घर पहुंच गए। वहां शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। इस पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। मेजर विकास सिंह की मौत की सूचना मिलते ही उनके पैतृक आवास पर भीड लग गई। परिजनों के मुताबिक मेजर विकास 12 राज राइफल्स में कूपवाडा में तैनात थे। वह अपने अन्य साथियों के साथ क्षेत्र में गश्त पर निकले थे। अचानक उनका पैर फिसल गया जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सेना के जवान उन्हें सेना के कमांड अस्पताल ले गए जहां उनकी दोपहर को मौत हो गई।
वह अपने मां-बाप के इकलौते पुत्र थे। उनके पिता की मृत्यु करीब तीन दशक पहले ही हो चुकी है। विकास की प्राथमिक शिक्षा-दीक्षा बंगाल में हुई। उसके बाद वह राष्ट्रीय इंडियन मेडिकल कालेज देहरादून एवं उसके बाद पूना के खडगवासला में एनडीए में वर्ष 2010 में लेफ्टिनेंट के पद पर चयन हुआ। 28 फरवरी 2018 को बलिया की रहने वाली आंचल सिंह के साथ उनका विवाह हुआ था। इनकी तीन माह की पुत्री वृद्धि सिंह है। मेजर विकास कुछ माह पहले अपने गांव आए थे। वाराणसी में उनके द्वारा बनाए गए नए मकान का गृहप्रवेश कराने की उनकी इच्छा अधूरी रह गई। परिजनों के मुताबिक उसका शव सोमवार की दोपहर बाद आने की सूचना है।