सुहवल(गाजीपुर)। हमीद सेतु के ज्वाइंटर में पड़ी दरार की मरम्मत का काम प्रगति पर है। अधिकारियों के मुताबिक इस काम में एनएचआई तथा सेतु निगम की ओर से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। इससे काम में काफी कठिनाई आ रही है। उम्मीद है कि शनिवार तक वाहनों का गमनागमन शुरू हो जाएगा। पुल के बंद होने से आसपास के कई गांवों के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
गुजरात की एक कंपनी शनिवार से पुल के मरम्मत का काम कर रही है। इंजीनियरों के मुताबिक दो पहिया वाहनों तथा ट्रैफिक की वजह से काम में दिक्कत आ रही है। इस कार्य में करीब 10 लाख रुपये खर्च आने की उम्मीद है। रविवार की दोपहर को मरम्मत के दौरान ज्वाइंटर नंबर 14 का रोलर बेयरिंग अचानक चटक गया था। इसके चलते अफरातफरी मच गई थी। हादसे की आशंका के चलते घंटों पैदल तथा दो पहिया वाहनों तक को रोक दिया गया था। यह पुल भी पुराना हो रहा है। 2013 में भी इस सेतु में दरार पड़ गई थी। उस समय एनएच विभाग के अधिकारियों ने केंद्रीय भूतल सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को सेतु के सभी पुराने हो चुके 52 रोलर बेयरिंग को बदलने तथा अन्य विभिन्न कार्यों के लिए करोड़ों का प्रस्ताव भेजा था। पांच वर्ष बाद भी उसे स्वीकृति न मिलने से सेतु पूरी तरह से दयनीय स्थिति में पहुंच चुका है। आगे भी इस तरह की दरारों के पड़ने की संभावना है। अगर ओवरलोड वाहनों पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में बड़े वाहनों का आवागमन हमेशा के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है। फिलहाल इस पुल पर बड़े वाहनों के प्रतिबंधित हो जाने से छात्रों, व्यापारियों, दैनिक मजदूरों तथा राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।