गाजीपुर। छठ पूजा संपन्न होने के बाद लोगों के घर वापसी की वजह से गुरुवार को ट्रेनों के साथ ही बसों में यात्रियों की जबर्दस्त दबाव रहा। भीड़ की वजह से तमाम यात्रियों को धक्का-मुक्की के बीच खड़े होकर यात्रा करने के विवश होना पड़ा। इस बीच सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं और युवतियों को हुई। उन्हें कष्टदायक यात्रा करनी पड़ी।
जनपद ही नहीं पूरे पूर्वांचल में छठ का पर्व भारी पैमाने पर मनाया जाता है। किसी पर्व पर परदेश में काम करने वाले भले ही घर पर न आए, लेकिन छठ पूजा में जरूर आते हैं। इस वर्ष 13 नवंबर को पहला और 14 को दूसरा अर्घ्य था। इसके मद्देनजर जिन घर पर छठ का आयोजन था, दूसरे जनपदों में रह कर काम करने वाले लोगों का 13 नवंबर से पूर्व ही आने का क्रम शुरू हो गया। इससे ट्रेनों के साथ ही बसों में यात्रियों को दबाव बढ़ गया था। इस पर्व में भाग लेने के लिए दूसरे जनपदों से लोगों को नाते-रिश्तेदार भी आए हुए थे। 14 नवंबर को पर्व समाप्त होने लोगों के घर वापसी की वजह से गुरुवार को ट्रेनों के साथ ही बसों में जबरदस्त भीड़ रही। ट्रेनों में सवार होने के लिए लोगों को धक्का-मुक्की करने लगी। सीट भर जाने पर तमाम लोग खड़े होकर यात्रा नजर आए। इस दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं और युवतियों को हुई। उन्हें परेशानी में धक्का-मुक्की के बीच यात्रा करने को विवश होना पड़ा।