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बाजार में आ गए रंगीन और नक्काशीदार मिट्टी के दीए

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गाजीपुर। बदलते परिवेश और आधुनिकता के दौर ने त्योहारों को भी बदल कर रख दिया है। दीपावली त्योहार पर घरों को परंपरागत दीयों की अपेक्षा बिजली के झालरों, दीपकों आदि से सजाया जा रहा है। दीपावली पर्व पर इस बार अलग-अलग ब्रांड और वेराइटी के दीयों से बाजार सज गए हैं। इसमें मिट्टी के साथ ही चाइनीज इलेक्ट्रिक लुभावने दीपकों को खूब पसंद किया जा रहा है। इस बार मिट्टी के दीये भी रंगीन, नक्काशीदार तथा अलग-अलग आकर्षक डिजाइनों में बाजार में उपलब्ध कराया गया है। बिजली के दीपकों की अपेक्षा मिट्टी के परंपरागत दीयों की बिक्री कम ही हो रही है।
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रोशनी का पर्व दीपावली के करीब आते ही इसको मनाने की तैयारी शुरू हो गई है। दीपावली पर घर-घर में रोशनी करने के लिए मिट्टी के दीपों का अलग ही महत्व है। इस बार बाजार में परंपरागत गोल आकार और पान के अलावा कई अन्य डिजाइनों में मिट्टी के दीए बिक्री के लिए उतार दिए गए हैं। खूबसूरत नक्काशी किए गए यह दीप विभिन्न रंगों में उपलब्ध हैं। वर्तमान में साधारण दीयों की कीमत 80 से 90 रुपये प्रति सैकड़ा है जबकि नक्काशी के रंगीन दीपक 150 से 300 रुपये सैकड़े के हिसाब से बिक रहे हैं। चीनी मिट्टी के दीप 40 से 50 रुपये दर्जन में उपलब्ध हैं। इसी प्रकार बिजली से चलने वाले दीये भी आकर्षण का केंद्र बने हैं। दुकानों पर अलग-अलग प्रकार के एक से एक बढ़कर एक डिजाइनों के दीप ग्राहकों की पसंद बने हुए हैं। तह-दर-तह सजाकर छोटे-बड़े स्टैंड पर रखे गए लुभावने दिए भी खूब प्रकाश दे रहे हैं। इसे घर में एक जगह रखकर सजाया जा सकता है। इसके अलावा एलईडी के भी छोटे बड़े आकर्षक सजावटी वस्तुएं बिक रही हैं। दुकानदारों का दावा है कि इसमें बिजली की खपत कम होती है। अलग-अलग रंगीन प्रकाश देने वाले इन बिजली के दीयों की कीमत 80 रुपये से लेकर 450 रुपये तक हैं। बाजार में मिट्टी के दीपों की मांग घटती जा रही है जिसके चलते बिजली वाले दीयों की मांग बढ़ती जा रही है। व्यवसायी चंदन वर्मा ने बताया कि इस बार बिजली के झालर तथा दीयों को ही अधिक पसंद किया जा रहा है। त्योहार नजदीक आने पर इन सामानों की बिक्री बढ़ जाएगी।
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