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टैग लगवाने को लेकर वाहन स्वामी उदासीन

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गाजीपुर। कामर्शियल वाहनों में रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) लगवाने को लेकर वाहन स्वामियों में खास उत्साह देखने को नहीं मिला। 31 अक्तूबर तक उन्हें समय दिया गया था। गुरुवार से इनकी जांच और धरपकड़ होनी थी, लेकिन पहले दिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बारा स्थित केंद्र पर टैग की समुचित बिक्री नहीं होने को लेकर प्रशासन थोड़ा नरम रुख अपना रहा है। वाहन स्वामियों को और थोड़ी सी मोहलत देते हुए इस टैग को लगवाने की अपील की गई। अगर अब वह इसे नजरअंदाज करेंगे तो उनकी खैर नहीं है।
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जिले भर की माल ढुलाई करने वाले हर प्रकार के छोटे-बड़े वाहनों को 31 अक्तूबर तक डिवाइस टैग लगाने का समय दिया गया था। यह टैग बारा में प्रति वाहन सौ रुपये लेकर दिया जा रहा है। साथ ही इसे एक्टीवेट भी कर दिया जा रहा है। प्रदेश भर में एक नवंबर से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। वाणिज्य कर विभाग की ओर से ट्रक आपरेटरों तथा मालिकों को इसकी गंभीरता और महत्व को समझाते हुए वाहनों में डिवाइस लगवाने की अपील की गई थी। अब यह व्यवस्था लागू हो जाने के बाद भी इस टैग को लगवाने को लेकर वाहन स्वामी गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। जिले भर में छोटे बड़े करीब 10 हजार से अधिक पंजीकृत वाहन हैं जो माल की ढुलाई करते हैं। बारा केंद्र से इस अनुरूप 50 फीसदी भी टैग नहीं बिका है। वाहनों में इस डिवाइस के लग जाने के बाद जब यह जिले की सीमा पार करेंगे तो टावर में लगे उपकरण इसे रीड कर लेगा। इसके बाद सीमाओं पर कर का निर्धारण सही तरीके झ्से हो सकेगा। इससे कर चोरी पर अंकुश लगेगा। वाणिज्य कर के सहायक आयुक्त डीपी सिंह ने बताया कि बारा में टावर लगाया गया है। वाहनों में आरएफआईडी लगवाने के लिए थोड़ी और मोहलत दी जा रही है। आगे धरपकड़ की कार्रवाई होगी।

गाजीपुर। कर चोरी रोकने के लिए प्रदेश भर में एक नवंबर से नई व्यवस्था लागू हो गई है। इसके तहत बार्डर पार करने वाले ढुलाई वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग लगाया गया है। बार्डर पर बनाए गए टावर इस टैग के माध्यम से वाहनों की गतिविधियों को रीड कर लेंगे। इसके बाद लदे माल और दूरी के हिसाब से कर का निर्धारण कर दिया जाएगा। पहले इस प्रकार की व्यवस्था नहीं होने से वाहन स्वामी टैक्स चोरी करने में सफल हो जाते थे।
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