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जल नहीं जहर पी रहे हैं लोग

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गाजीपुर। जनपद में आधा दर्जन से अधिक पानी टंकियां कंडम घोषित की जा चुकी है। बावजूद इन टंकियों से जलापूर्ति की जा रही है। विभाग की माने तो नगर सहित ग्रामीण इलाके की ज्यादातर पानी टंकियों की सफाई कई वर्षों से नहीं हुई है। ऐसे में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। दूषित जल बीमारियों को बढ़ावा दे रहे हैं। अकेले नगर क्षेत्र में 13 पानी टंकियां हैं जिनमें से तीन कंडम घोषित हो चुकी हैं। जल निगम ने मोहम्मदाबाद, जमानिया और सैदपुुर में तीन टंकियां कंडम घोषित की जा चुकी हैं। टंकी के ओवरहेड टैंकों का सालों वर्षों से साफ-सफाई तक नहीं हुई है। यहां जलकल विभाग की टंकियों का भी यही हाल है। टंकियों की सफाई की कौन कहे दवा तक नहीं डाली जाती है। दो वर्ष पहले नगर की कुछ टंकियों की सफाई की गई थी, जबकि ज्यादातर टंकियों की सफाई पांच वर्ष पहले हुई है। इससे पेयजल का सेवन करने वालों को बीमारियां होने का खतरा बढ़ गया है।
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जनपद में कुल पानी टंकियों की संख्या 98 है। जिसमें से जल निगम 69 पानी टंकियों की देख-रेख करता है, जबकि 29 पानी टंकियां ग्राम पंचायतों के जिम्मे हैं। जिला मुख्यालय स्थित नगर पालिका में 13 पानी टंकियां हैं। नगर के कई मुुहल्लों में पाइप लाइन एक दशक पहले के बिछाई गई है। पुरानी पाइपें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन जर्जर पाइप लाइनों के भरोसे जलापूर्ति की जा रही है। अब शुद्ध, साफ, कीटाणु एवं विशाणु मुक्त पेयजल मिलना जमाने की बात हो गई है। लोग आरओ के पानी पर पूरी तरह से आश्रित हो गए हैं। मुसीबत दलित बस्तियों और गुरबत में जीने वालों की है। लोग दूषित जल पीने को मजबूर हैं। गांव-गांव शुद्ध जल की धारा बहाने में लाखों खर्च किए जा रहे हैं। इसके लिए कई अभियान भी चल रहा है, लेकिन नतीजा सिफर है। ग्रामीण पेयजल जागरूकता सप्ताह भी जनपद में मनाया गया। लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का वादा भी किया गया। यह सब कुछ धरातल पर नहीं दिखाई दे रहा है। गांवों में शुद्ध जलापूर्ति की योजना पर जलनिगम और नगर पालिका पानी फेर रहे हैं।
वर्तमान में पानी टंकियों से लोगों को शुद्ध जल नहीं मिल पा रहा है। रेवतीपुर में दो पानी टंकियां लगाई गई हैं, लेकिन दोनों से ही दूषित जलापूर्ति होती है। गांव के जयशंकर राय और सोनू मौर्या ने बताया कि शुद्ध पानी के लिए कई बार कहा गया, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं हैं। पानी टंकी की कब सफाई हुई गांव वालों को याद नहीं है। जब से टंकी बनी है, तब से कोई देखने वाला नहीं आया। ऐसे में लोगों को पानी के साथ बीमारियां भी बांटी जा रही हैं। जल निगम के अधिशासी अभियंता खंड तृतीय मनोज कुमार ने बताया कि जिले में 98 जल निगम की टंकियां हैं। जिसमें से 69 जल निगम संचालित कर रहा है। जबकि 29 को ग्राम पंचायतें संचालित कर रही हैं।
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