गाजीपुर। हरिजन प्राथमिक पाठशाला और लघु माध्यमिक विद्यालय के भवन सिर्फ कागजों में कई वर्षों से चल रहे हैं। कागज में जिस जमीन पर विद्यालय स्थापित हैं उस जगह वर्तमान समय में पोखरी स्थापित है। इसके विरुद्ध शिकायतकर्ता सुरेश उपाध्याय ने फर्जीवाड़ा के इस खेल की जांच कर कार्रवाई करने के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने मुहम्मदाबाद कोतवाली को प्राथमिकी दर्ज करने के साथ कार्रवाई के आदेश दिए है।
शिकायतकर्ता ने न्यायालय को बताया कि कासिमाबाद विकास खंड के शाहपुर उसरी गांव में बाबा आचारी जी हरिजन प्राथमिक पाठशाला शाहपुर उसरी एवं बाबा आचारी जी लघु माध्यमिक विद्यालय स्थापित है। विद्यालय संचालक ने दोनों विद्यालयों की मान्यता से संबंधित दस्तावेज एवं जमीन जिस पर विद्यालय भवन बना है। उसकी अराजी संख्या 52 है, जो राजस्व अभिलेख में पोखरे के रूप में दर्ज है। इस भूखंड पर कोई विद्यालय नहीं है। न्यायालय ने प्रार्थी की प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए धारा 156 (3) के मुहम्मदाबाद कोतवाली प्रभारी को मामले में प्राथमिकी दर्जकर विधि अनुसार विवेचना करने का आदेश दिया है।