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जिले के मानव रहित क्रासिंग पर हो चुके हैं कई हादसे

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गाजीपुर। कुशीनगर में मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर स्कूली वैन ट्रेन की चपेट में आने से 13 बच्चों की मौत हो गई। ऐसी घटनाओं से जनपद भी अछूता नहीं है। देखा जाए तो मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर हुए हादसों में अब तक दस से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। बावजूद रेलवे इन मौतों को लेकर गंभीर नहीं है। वाराणसी-छपरा रेल खंड की बात करें तो इस मार्ग पर कुल 25 मानव रहित रेलवे क्रासिंग है। जिसमें 14 मानव रहित रेलवे क्रासिंग जिले में पड़ते हैं। ज्यादातर मानव रहित रेलवे क्रासिंगों पर अब तक फाटक तक नहीं लगा है। हालांकि कुछ जगह मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर गेट मित्र के रूप में संविदा कर्मियों की तैनाती की गई है, जो ट्रेनों के आने-जाने के दौरान लोगों को लाइन पार करने से रोकते हैं।
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पांच वर्ष के भीतर हुए हादसों पर नजर डालें तो पूर्व मध्य रेलवे दानापुर मंडल के पटना-मुगलसराय रेलखंड के गहमर डेरा स्थित भतौरा मार्ग पर रेलवे क्रासिंग पर एक जुलाई 2014 को बड़ा हादसा हुआ था। श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन के आने के दौरान गेटमैन द्वारा फाटक न बंद करने पर एक स्कूल की टाटा मैजिक उससे टकरा गई थी। हालांकि चालक बच्चों को स्कूल छोड़ कर लौट रहा था। घटना में मैजिक में सवार भीम राम (50), एएनएम निर्मला देवी (28) तथा आशा कार्यकत्री सुनीता यादव (27) की मौत हो गई थी। औड़िहार-मऊ रेल खंड पर 27 मई 2015 की रात माहपुर और सादात स्टेशन के बीच मानव रहित क्रासिंग पर इंटरसिटी ट्रेन की चपेट में ट्रैक्टर आने से चालक गुना राजभर (35) वर्ष की मौके पर मौत हो गई थी। 13 अक्तूबर 2015 को सादात के कनेरी मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर कृषक एक्सप्रेस ट्रेन और कार की टक्कर में सदर कोतवाली के बबेड़ी निवासी शंकर राम की पत्नी उर्मिला देवी (45), इनकी बेटी रिंकू (20) वर्ष और नंदगंज के नसीरपुर बासूपुर निवासी रामजी राम (44) वर्ष की मौत। ये सभी लोग अपनी रिश्तेदारी में तेरही कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जा रहे थे, जबकि 26 जुलाई 2014 को दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव के पास मानव रहित रेलवे लाइन पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से बाइक सवार अभिकर्ता सीताराम चौहान (36) की मौत हो गई थी। इस क्रम में वाराणसी-छपरा रेल खंड पर तीन जनवरी 2014 को करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के भरौलीकला गांव के सामने मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर डाउन सद्भावना एक्सप्रेस ट्रेन से कट कर बाइक सवार बलिया के पकड़ी थाने के उकछी चोगड़ा निवासी सूरज यादव (55) के साथ उसके छोटे भाई का पुत्र अखिलेश यादव (30) ने दम तोड़ दिया था। वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि प्रत्येक मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर एक गेट मित्र रखा गया है। जिसकी जिम्मेदारी है कि वह लोगों को ट्रेन आने पर आगाह करे और दुर्घटना से बचाए। मानव रहित रेलवे क्रासिंग को धीरे-धीरे सुरक्षित करने का काम किया जा रहा है।
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