जमानिया (गाजीपुर)। स्थानीय तहसील कार्यालय में विभिन्न अभिभावकों की ओर से शादी अनुदान के कुल जमा किए गए 41 आवेदनों में से अब तक तीन आवेदनों की ही जांचकर ऑनलाइन भेजा गया है। शेष 38 आवेदन की जांच नहीं की गई है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला है, ऐसे में अगर जांच कर आवेदन पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में नहीं पहुंचे तो आवेदनकर्ताओं को योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
गरीब अभिभावकों ने किसी तरह अपनी-अपनी पुत्री की शादी तो संपन्न करा दी। शादी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर उसकी हार्डकॉपी भी तहसील कर्मियों तक पहुंचा दी लेकिन तहसील कर्मियों की उदासीनता एवं लापरवाही के चलते शादी अनुदान के फार्म तहसील में जांच के लिए लंबित पड़े हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष समाप्त होने में कुछ सप्ताह शेष रहने को देखते हुए आवेदकों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। सरकार की तरफ से दिया जाने वाला शादी अनुदान प्राप्त करने की उम्मीद में दूसरे से कर्ज लेने के बाद बिटिया के हाथ तो पीले कर दिए। अनुदान की राशि के लिए विभाग का चक्कर लगाते-लगाते थक गए। शादी अनुदान की राशि के लिए लाभार्थी संबंधित कर्मियों की गणेश परिक्रमा करने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय कस्बा के वार्ड नंबर 12 निवासी मोतीलाल ने बताया कि बीते वर्ष 27 मई को अपनी पुत्री अनीता गुप्ता की शादी के लिए ऑनलाइन आवेदन करवाकर तहसील कार्यालय में फार्म की हार्ड प्रति जमा की लेकिन शादी के नौ महीने बीत जाने के बाद भी सरकारी अनुदान नहीं मिला। इस संबंध में उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश मिश्रा ने बताया की शेष आवेदन फार्म की जांच हो चुकी है। जल्द ही ऑनलाइन कर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग कार्यालय में भिजवा दिया जाएगा।