गाजीपुर। विकास भवन में चल रहे धरने का शुभारंभ शिक्षामित्रों ने सातवें दिन हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्रगान के साथ किया। वक्ताओं ने कहा कि समायोजन रद्द करने से वह आहत हैं। सरकार की नियत साफ न होने से शिक्षामित्र मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य हैं। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से शिक्षामित्रों का सपना चकनाचूर हो गया है।
उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद शिक्षामित्रों का समायोजन हुआ था, जिससे शिक्षामित्र खुश थे, अचानक समायोजन रद्द कर शिक्षामित्रों के सपनों पर पानी फेर दिया गया है। सैकड़ों शिक्षामित्रों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। शिक्षामित्रों की उम्र 45 से 50 वर्ष की हो चुकी है। इस फैसले से ऐसे शिक्षामित्रों के सामने परिवार को चलाने का संकट खड़ा हो गया है। कहा कि मांग पूरी होने तक हम अपना संघर्ष जारी रखेंगे। सुरेंद्र सिंह, अनंत सिंह, जितेंद्र यादव, दुर्गेश प्रताप सिंह, राजेश यादव, इसरार, मंजय, अवधेश, कैलाश कुशवाहा, अमित यादव, दीवाकर, ललिकांत, प्रीतम, राघवेंद्र, मनोज, आनंद सिंह, मंजू, सरोज, प्रमिला, मंशा, रानी, रेनू, ऋतु, विद्या, ऊषा, राधेश्याम, अरविंद, डा. दीनानाथ यादव, अशोक राय, संजय राय, राजेश, चंद्रशेखर पासवान, राजेश भारती, राजेश यादव, विनोद सिंह, श्यामलाल, अरुण, जयप्रकाश, शकुंलता, तारकेश्वर, पुष्पा सहित सैकड़ों क्षित्रामिक्ष मौजूद थे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामप्रताप यादव तथा संचालन माया साहू ने किया।