गाजीपुर। अपनी मांगों को लेकर रसोइया संघ ने बुधवार को आस्तीन चढ़ा ली। सिटी रेलवे स्टेशन से जुलूस निकालकर विकास भवन पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। इस अवसर पर आयोजित सभा में जिला रसोइया संघ की संरक्षक पूर्व प्रमुख चंदा यादव ने कहा कि एमडीएम में कार्यरत महिला रसोइयों की हालत बंधुआ मजदूर से भी बदतर हो गई है। इस पर केंद्र और प्रदेश सरकार मौन साधे हुए है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि संसद एवं विधानसभा में अपनी सुविधा बढ़ाने के लिए एकमत हो सकते हैं, लेकिन देशभर में सबसे कम मानदेय पाने वाली महिला रसोइयों के कल्याण, विकास एवं मानदेय बढ़ाने के लिए संसद एवं विधानसभा में कोई चर्चा नहीं होती है। उन्होंने महिलाओं को संगठित होकर संघर्ष करने तथा अपने शोषण-उत्पीड़न के विरुद्ध हर स्तर पर आवाज उठाने की अपील की। संघ की जिलाध्यक्ष सुगंती कुशवाहा ने कहा कि निष्कासित रसोइयों की बहाली तथा उनकी नियमित होने तक संघ संघर्ष करता रहेगा। रसोइयों के साथ वादाखिलाफी करने वाले उच्चाधिकारियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए संघ की ओर से तैयारी की जा रही है। इससे पहले सिटी रेलवे स्टेशन से निकाले गए जुलूस में शामिल रसोइया अपनी 15 सूत्री मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए चल रही थी। धरना सभा में आशा, मीरा, ऊषा, बब्बन, मालती, कांती, पुष्पा, सरिता, इमरिती, प्रमिला, निर्मला, रीता, पार्वती, मंजू, अफसाना, रंजू, प्रेमलता, भागमनी, मंगरी, रीता, इंदू, अब्दुल, राधिका, रम्भा, शाफिया, कौशल्या, शारदा, बसंती, लक्ष्मीना ने विचार व्यक्त किया। संचालन ललिता देवी ने किया। अंत में बीएसए की उपस्थित में एसडीएम को पत्रक सौंपा गया।