नंदगंज (गाजीपुर)। एक सप्ताह बाद भी सराफा हत्याकांड में पुलिस के हाथ खाली हैं। हत्यारोपित अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। बीते 30 जून को बाइक सवार तीन लुटेरे सराफा व्यवसायी को गोली मारने के बाद नगदी और आभूषण भरा बैग लूट कर भाग निकले थे। इधर पुलिस लगातार बदमाशों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
सिहोरी गांव स्थित तिलक विद्या मंदिर स्कूल के पास बीते 30 जून की देर शाम तीन बाइक सवार लुटेरे सराफा व्यवसायी विनोद बरनवाल (35) को गोली मारकर उनके पास से आभूषण से भरा बैग और बाइक लेकर फरार हो गए थे। मौके पर पहुंची पुलिस गंभीर रुप से घायल सराफा व्यवसायी को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाई थी, जहां चिकित्सकों ने व्यवसायी को मृत घोषित कर दिया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा और नगरपालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल जिला अस्पताल पहुंचे थे। पुलिस अधीक्षक से व्यापारियों ने जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की मांग की थी। इस मामले में मृतक के भाई ने तीन अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। हत्या और लूटकांड के विरोध में व्यापारियों ने अपनी दूकानें बंद रखी थी और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 48 घंटे के अंदर हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया था। वहां करंडा के थानाध्यक्ष रविंद्र श्रीवास्तव की तैनाती कर दी गई। इस संबंध में थानाध्यक्ष रविंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए दो टीम गठित की गई है। टीमों द्वारा अब तक इस मामले में पूछताछ के लिए सात लोगों को उठाया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।