गाजीपुर। ऑडिटोरियम परिसर में आयोजित वृहद रोजगार मेला का आयोजन मंगलवार को हुआ, जिसमें 60 कंपनियों ने प्रतिभाग किया। मेला में करीब 5000 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया, जिसमें से विभिन्न पदों पर कुल 1614 अभ्यर्थियों का अन्तिम राउंड के लिए चयन किया गया, जबकि 3386 युवा मायूस होकर लौट गए।
गाजीपुर। ऑडिटोरियम व विकास भवन परिसर में मंगलवार को आयोजित वृहद रोजगार मेले में बड़ी संख्या में एमसीए, एमबीए, बीएससी समेत अन्य डिग्रीधारी युवा नौकरी की उम्मीद लेकर पहुंचे, लेकिन मनचाहा अवसर न मिलने से कई युवाओं को मायूस होकर लौटना पड़ा। युवाओं का कहना है कि रोजगार मेलों में उच्च शिक्षित अभ्यर्थियों के लिए भी उनकी योग्यता के अनुरूप पद उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि ऐसे आयोजनों का वास्तविक लाभ मिल सके।
इसके पूर्व मेला का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह तथा विशिष्ट अतिथि नपा अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा फीता काटकर किया गया। मुख्य अतिथि ने कहा कि यह पहल युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज आदि उपस्थित रहे।
कासिमाबाद के बाबू कुशवाहा ने बताया कि वह प्रबंधन की पढ़ाई करने के बाद अच्छे पद की उम्मीद लेकर मेले में आया था, लेकिन ज्यादातर कंपनियों में सेल्स या फील्ड जॉब ही ऑफर की जा रही थी, जो उनकी योग्यता के अनुरूप नहीं है।
करंडा के संजय यादव ने कहा कि उन्होंने गणित विषय से स्नातक व डी फार्मा किया है और तकनीकी या लैब से जुड़ी नौकरी की तलाश में आया था, लेकिन यहां अधिकतर नौकरियां सिक्योरिटी गार्ड या हेल्पर की थीं, जिससे उन्हें निराशा हुई।
मारकिनगंज के विशाल ने बताया कि कंप्यूटर क्षेत्र में एमसीए की पढ़ाई करने के बावजूद आईटी सेक्टर की कंपनियां बहुत कम थीं। उन्होंने कहा कि उनकी योग्यता के अनुसार अवसर नहीं मिला, इसलिए खाली हाथ लौटना पड़ा।
फुललनपुर के अभिषेक वर्मा ने बताया कि वह बीसीए की पढ़ाई करने बाद योग्यता अनुरुप नौकरी की तलाश में मेला में आए थे, लेकिन सीमित विकल्प ही उपलब्ध थे। उन्होंने उम्मीद की थी कि बेहतर और सुरक्षित कार्यक्षेत्र मिलेगा, लेकिन वैसा अवसर नहीं मिला।