गाजीपुर। जिले में कबाड़ का कारोबार लोगों की जान पर भारी पड़ सकता है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक 158 पंजीकृत कबाड़ की दुकानें और गोदाम संचालित हो रहे हैं, लेकिन किसी भी व्यवसायी ने अब तक फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं लिया है। घनी आबादी के बीच प्लास्टिक, रबर और अन्य ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण किया जा रहा है। आग लगने की स्थिति में बड़ी घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता।
जनपद में तीन नगर पालिका और पांच नगर पंचायत क्षेत्रों समेत ग्रामीण इलाकों में कबाड़ का कारोबार तेजी से फैल रहा है। अधिकांश दुकानों और गोदामों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। कई स्थानों पर संकरी गलियों और रिहायशी इलाकों के बीच भारी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामान इकट्ठा है। इसके बावजूद न तो फायर एनओसी ली गई है और न ही अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं।
ये हैं नियम
नियमों के अनुसार कबाड़ व्यवसाय चलाने के लिए नगर निकाय या पंचायत की अनुमति, उद्यम पंजीकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी, स्टॉक रजिस्टर और फायर सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। साथ ही गोदाम आबादी से दूर होना चाहिए, लेकिन जिले में अधिकांश स्थानों पर इन नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।
केस-एक : बंशीबाजार में लगी थी आग, फिर भी नहीं चेता प्रशासन
चार वर्ष पहले बंशीबाजार इलाके में संचालित एक कबाड़ की दुकान में अचानक आग लग गई थी। स्थानीय लोगों की सतर्कता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। घटना के बाद न तो जांच हुई और न ही सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की गई।
केस-दो : मुहम्मदाबाद में धधकी थी कबाड़ की दुकान
तीन वर्ष पहले मुहम्मदाबाद क्षेत्र की एक कबाड़ की दुकान में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई थी। आसपास रिहायशी इलाके होने के कारण लोग दहशत में आ गए थे। किसी तरह स्थानीय लोगों ने आग बुझाई, नहीं तो कई घर इसकी चपेट में आ सकते थे।
घनी आबादी के बीच कबाड़ की दुकानें और गोदाम चल रहे हैं। इन्हें आबादी से बाहर शिफ्ट किया जाना चाहिए। - मनीष यादव, सैदपुर
अगर कबाड़ गोदाम में आग लग गई तो आसपास के मकान भी इसकी जद में आ जाएंगे। यह लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ है। -श्रीकांत त्रिपाठी, सैदपुर
कई जगहों पर प्लास्टिक और ज्वलनशील सामान खुले में रखा गया है। सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। -राजेश गुप्ता, जंगीपुर
फायर विभाग और नगर निकाय को संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे गोदामों की जांच करनी चाहिए।
-विनोद राय, मुहम्मदाबाद
किसी भी कबाड़ व्यवसाय संचालक ने फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं ली है। इसके लिए विभाग में कोई आवेदन नहीं किया गया है। - कुलदीप, अग्निशमन अधिकारी द्वितीय।