गाजीपुर। रोडवेड डिपो में भवन का निर्माण सालों से चल रहा है। विभागीय उदासीनता के कारण शनिवार को हुई बारिश के बाद परिसर में पानी और कीचड़ जमा हो गया। इससे बसों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। डीजल लेने के लिए बस टैंक तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में 35 बसों का संचालन शनिवार को नहीं हो सका। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग रोडवेज की व्यवस्था को कोसते हुए दूसरे साधनों से गंतव्य के लिए रवाना हुए।
करीब चार वर्ष से रोडवेज डिपो भवन का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रही है। निर्माण कार्य के लिए पूरे परिसर में चारों तरफ ईंट और गिट्टी-मिट्टी गिराई गई है। इसके साथ ही जगह-जगह खुदाई की गई है। शुक्रवार की तीन बजे से लेकर दूसरे दिन शनिवार को तीन बजे तक बारिश होने से रोडवेज परिसर में जल-जमाव होने के साथ ही तारों तरफ कीचड़ फैल गया, जिसके बीच से बसों का निकल पाना संभव नहीं हो पा रहा है। जिस स्थान पर रोडवेज की डिजल टैंक है, वहां तक बसें नहीं जा पा रही थी, जिससे उसमें डीजल नहीं पड़ सका। इसकी वजह से 35 बसों का संचालन नहीं हो सका। इससे विभिन्न जनपदों के लिए जाने वाले परेशानी रहे। वह रोडवेज की व्यवस्था को कोसते हुए ट्रेनों और प्राइवेट बसों के सहारे परेशानियों के बीच गंतव्य के लिए रवाना हुए। इस संबंध में संचालन प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि बारिश से पूरे परिसर में पानी और कीचड़ फैल गया था, जिसके बीच से बसों का निकल पाना संभव नहीं हो पा रहा था। जिस स्थान पर डीजल की टंकी है, वह हिस्सा भी कीचड़-पानी से घिरा था, इसलिए बसों में तेल नहीं भरा पाया। इससे 34 बसों का संचालन नहीं हो सका। इन बसों में कानपुर, सोनौली, गोरखपुर, आजमगढ़, दिल्ली सहित अन्य रूट की बसें शामिल है। इससे डिपो को करीब सात लाख का नुकसान हुआ है। बताया कि कीचड़-पानी की वजह से कर्मचारी भी आने-जाने को लेकर परेशान रहे।