गाजीपुर। जिले के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे अध्यापक-अध्यापिकाओं पर आखिरकार गाज गिर ही गई। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने सात शिक्षकों-शिक्षिकाओं को बर्खास्त कर दिया है। उनकी इस कार्रवाई से स्कूल से गायब रहने वाले शिक्षकों में हड़कंप मच गई है।
यह सभी शिक्षक लंबे समय से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित चल रहे थे। इन शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में अंकित पते पर पंजीकृत डाक के माध्यम से कारण बताओ नोटिस भेजा गया था कि अनुपस्थित रहने के संबंध में अपना अभिकथन-लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें लेकिन किसी शिक्षक-शिक्षिका ने स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया। इन्हें विज्ञप्ति के माध्यम से भी सूचित किया गया। इसके बाद भी उक्त अध्यापक-अध्यापिकाएं उपस्थित नहीं हुए। इसको जिला बेसिक शिक्षाधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने काफी गंभीरता से लिया। उन्होंने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया। बीएसए श्री गुप्ता ने बताया कि बर्खास्त शिक्षकों में नेहा सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय अमेदा, राजेश यादव सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय जबरनपुर, माधुरी शर्मा सहायक. अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय धनाड़ी, सिम्मी उपाध्याय सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय कोदई, ममता तोमर सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय जंगीपुर द्वितीय, प्रतिभा यादव सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय चंपारनपट्टी एवं श्वेता सिंह सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय खालिसपुर द्वितीय शामिल हैं। बीएसए ने बताया कि इसके पूर्व चार शिक्षिकाओं को फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर सेवा में रहने के कारण बर्खास्त किया गया है। बताया कि शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच-सत्यापन की कार्रवाई चल रही है।