गाजीपुर। जिले में डीएलएड -2017 और अवशेष बीटीसी - 2013, 2014, 2015 बैच की परीक्षाएं शुक्रवार को भारी अव्यवस्था के बीच प्रारंभ हुई। जिला मुख्यालय से प्रश्नपत्र ही विलंब से मिलने के कारण कई सेंटरों पर परीक्षा प्रारंभ होने में विलंब हुआ। जिस विद्यालय का सेंटर आया है, उसी विद्यालय के अध्यापकों की वहां ड्यूटी भी लगा दी गई है। इसके शिक्षक अपने छात्रों को सुविधा प्रदान कर रहे हैं। परीक्षा के दौरान तीन कक्ष निरीक्षक और एक केंद्र व्यवस्थापक को नकल कराने के आरोप में पकड़े गए हैं।
जनपद के 35 केंद्रों पर कुल 12 हजार 725 परीक्षार्थी शामिल हुए। सुबह की पहली पाली में दस से 12 बजे तक शैक्षिक मूल्यांकन क्रियात्मक शोध एवं नवाचार विषय का तथा दूसरी पाली में दो से चार बजे तक समावेशी शिक्षा की परीक्षा हुई। इस दौरान केंद्र व्यवस्थापकों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय के ट्रेजरी स्थित डबल लाक पर सभी स्टेटी मजिस्ट्रेटों को प्रश्न पत्र देने के लिए आठ बजे का समय दिया गया था लेकिन डायट के प्राचार्य राकेश सिंह करीब नौ बजे वहां पहुंचे। इसके बाद पेपर का वितरण शुरू किया गया। कई केंद्र व्यवस्थापकों को पेपर रिसीव करने में ही 10 बज गया। वह भागते हुए अपने केंद्र पर पहुंचे। इधर, पेपर नहीं मिलने पर सेंटरों पर अफरातफरी का माहौल बना रहा। अगर छात्रों को पेपर नहीं आने की सूचना मिल जाती तो बवाल भी हो सकता था। किसी तरह केंद्रों तक पेपर पहुंचा और विलंब से परीक्षा शुरू हुआ। दूसरी पाली के लिए भी सभी केंद्र व्यवस्थापकों को फिर डबल लाक तक आना पड़ा। फिर वापस जाने में देरी हुई। इस आवाजाही से 12-15 किलोमीटर दूर के केंद्र व्यवस्थापकों को काफी परेशानी हुई। शनिवार को तीन पालियों में दस से 11 बजे तक विज्ञान, 12 से एक बजे तक गणित, दो से तीन बजे तक सामाजिक अध्ययन आदि विषयों की परीक्षा है। इधर सीडीओ हरिकेश चौरसिया, डायट प्राचार्य, पीजी कालेज के प्रवक्ता वशिष्ठ यति जांच के लिए हकीम मेमोरियल पब्लिक इंटर कालेज गोराबाजार में पहुंचे। वहां मोबाइल से नकल कराने के आरोप में उमेश कुमार, सुरेंद्र यादव, प्रमोद कुमार तथा केंद्र व्यवस्थापक मुहम्मद मुकीम को पकड़ लिया। पुलिस उन्हें कोतवाली ले आई।