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पानी के अभाव में किसान नहीं डाल पा रहे धान की नर्सरी

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गाजीपुर। जिले की कई महत्वपूर्ण नहरों में पानी नहीं है। नहरें सूख गई हैं। साफ-सफाई न होने से कहीं नहरों में धूप उड़ रही है, तो कहीं झाड़-झंखाड़ लगा है। किसान धान की नर्सरी डालने को लेकर परेशान हैं लेकिन पानी के अभाव में अभी तक धान की नर्सरी नहीं पड़ी है। किसान एकमात्र मानसून आने का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि नर्सरी डालने के लिए खेतों में पर्याप्त मात्रा में पानी की जरूरत पड़ती है। जनपद में 63 नलकूप भी तकनीकी खराबी के कारण महीनों से पानी नहीं दे रहे हैं। सबसे खराब हालात दिलदारनगर माइनर, करीमुद्दीनपुर-दलपतपुर रजवाहा से जुड़े किसानों की है। इन नहरें में धूल उड़ रही है। जमानिया की नहरों का भी यही हाल है। यह बेपानी हैं। विभाग चुप्पी साधे हुए हैं।
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जनपद के जमानिया क्षेत्र में चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल, दिलदारनगर की मुख्य नहर, देवकली पंप कैनाल, शारदा सहायक नहर, दलपतपुर राजवाहा, रामदासपुर राजवाहा आदि सभी में पानी का अभाव बना हुआ है। इन नहरों से जिले के सैकड़ों गांवों की खेतों की सिंचाई होती है। पानी के अभाव में खेतों में अब तक नर्सरी नहीं डाली जा सकी है। किसान पानी के लिए परेशान हो कर दर-दर भटक रहे हैं। निजी संसाधनों से खेत की सिंचाई करना उन्हें महंगा पड़ रहा है। जिले के जमानिया, भदौरा, दिलदारनगर, भांवरकोल, दुबिहां, देवकली, मनिहारी, करंडा आदि में व्यापक पैमाने पर धान की खेती की जाती है। धान की नर्सरी 25 मई से ही डालना शुरू हो जाता है। धान की रोपनी के लिए पहले नर्सरी तैयार किया जाता है। खेतों को पानी से लबालब भर दिए जाने के बाद उसमें धान के बीज डाले जाते हैं। इसी प्रकार, जिले भर में 63 नलकूप भी खराब होकर पड़े हुए हैं। जानकारी के बाद भी विभागीय अधिकारी गंभीर नहीं हैं। जिले में नलकूप खंड प्रथम के तहत 808 और द्वितीय के तहत 397 नलकूप हैं। प्रथम के तहत कुल 37 नलकूप खराब है, जिसमें से 31 नलकूप विद्युत दोष से जबकि छह यांत्रिक दोष से काम नहीं कर रहे हैं। इसी प्रकार, द्वितीय में कुल 26 खराब नलकूपों में से भी 15 नलकूप बिजली दोष से ठप है जबकि 11 यांत्रिक दोष से खराब पड़े हैं। करीमुद्दीनपुर क्षेत्र में दलपतपुर और रामदासपुर दो राजवाहे हैं। इनसे जहूराबाद, बांकी, असावर, दलपतपुर, नेवादा, खड़हरा, रामदासपुर ,दुबिहा, गोबिंदपुर, पाहुपुर, लालपिपरी आदि तीन दर्जन गांवों की सैकड़ों एकड़ फसलों की सिंचाई होती थी। इधर कई वर्ष से पानी नहीं आने से किसान महंगे निजी साधनों का प्रयोग करते हैं। जमानिया संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल की स्थापना तो की गई लेकिन किसानों को इसका लाभ नहीं मिला। इसके साथ ही पंप कैनाल से देवैथा रजवाहा 14.60 किमी, दिलदारनगर रजवाहा 24 किमी, ताड़ीघाट रजवाहा 27 किमी, नौली रजवाहा 14 किमी है। पंप कैनाल में कुल 92 टेल हैं, जहां तक पानी पहुंचाया जाता हैं। इनसे करीब 27 हजार हेक्टेयर सिंचाई होती है लेकिन सूखी नहरें देखकर किसानों के माथे पर चिंता व्याप्त है। इसी प्रकार, गहमर क्षेत्र की पश्चिमी तथा पूर्वी दो लघु डाल नहरों में भी पर्याप्त पानी नहीं हैं। दिलदारनगर संवाददाता ने बताया कि क्षेत्र में चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल से निकली मुख्य नहर जमानिया, दिलदारनगर, भदौरा, गहमर होते हुए बारा के कर्मनाशा नदी तक जाती है। नहरों से पटे होने के बावजूद इस क्षेत्र में किसानों को पानी नहीं मिल रहा है।
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